वाराणसी
गर्मी के बीच बिजली खपत ने तोड़ा रिकॉर्ड, आपूर्ति पर बढ़ा दबाव
वाराणसी। झुलसाने वाली गर्मी के बीच जिले में बिजली खपत ने नया रिकॉर्ड बना दिया है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और कई स्थानों पर तार जलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि अप्रैल माह में ही बिजली की मांग ने पिछले वर्ष का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे आपूर्ति संकट और गहरा गया है।
जानकारी के अनुसार, बीते वर्ष अप्रैल में अधिकतम 703 मेगावाट बिजली खपत दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही यह आंकड़ा पार हो गया। 18 अप्रैल को 725 मेगावाट खपत दर्ज की गई, जो 19 अप्रैल को बढ़कर 735 मेगावाट पहुंच गई। बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग में और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।
गर्मी के मद्देनजर तैयारियों को लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा बीते दो महीनों में तीन बार समीक्षा बैठक की जा चुकी है। इन बैठकों में अधिकारियों को समय रहते ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत, जर्जर तारों के बदलाव और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों ने निर्बाध आपूर्ति का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इससे उलट नजर आ रही है।

बिजली निगम की ओर से पिछले एक माह से जर्जर तार बदलने और ढीले तारों को कसने का अभियान चलाया जा रहा है। ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत का भी दावा किया गया है, इसके बावजूद शुरुआती गर्मी में ही कई स्थानों पर तार जलने और ट्रांसफॉर्मरों के गर्म होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जंपर उड़ने और इंसुलेटर खराब होने जैसी समस्याएं भी लगातार बढ़ रही हैं, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली की आवाजाही बनी हुई है।
शहर के फुलवरिया, चौरछटवा, ककरमत्ता और मड़ौली समेत कई इलाकों में शनिवार रात से रविवार तक बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। फुलवरिया क्षेत्र की वरुणापुरी कॉलोनी में सड़क किनारे लगे पोल पर तारों के गुच्छे में आग लग गई, जबकि चांदपुर के पंचायत भवन के पास एबीसी केबल में भी देर रात आग लगने की घटना हुई। इन घटनाओं के दौरान आपूर्ति बंद कर किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन लगातार बढ़ती गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था की चुनौतियां और बढ़ती नजर आ रही हैं।
