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चन्दौली

गंगाधाम महुंजी में पूर्णिमा और हनुमान जयंती पर रामायण पाठ का समापन

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अवहीं (चंदौली)। सद्गुरु आश्रम गंगाधाम महुंजी में पूर्णिमा एवं हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आयोजित अखंड रामायण पाठ का समापन शनिवार प्रातः लगभग 11 बजे विधिवत सम्पन्न हुआ। समापन के पश्चात आश्रम प्रांगण में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रभर से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा पूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।

गौरतलब है कि आश्रम में दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम के अंतर्गत रामचरित मानस के अखंड पाठ का आयोजन किया गया था, जिसकी शुरुआत पूर्ण भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ की गई थी। पाठ के समापन के पश्चात भजन-कीर्तन की सुरमयी शाम ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रसिद्ध गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य प्रवक्ता महात्मा प्रकाशानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में शिष्य-गुरु संबंध की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “शिष्य का विद्वान होना आवश्यक नहीं, परंतु उसकी विनम्रता, निष्ठा, और सेवा भाव ही उसे गुरु का कृपापात्र बनाती है। शिष्य की जीवन-चाबी ब्रह्मचर्य और गुरु सेवा है। गुरु भक्ति ही समस्त साधनाओं का मूल आधार है, जिससे आत्म संयम और आत्मानुभूति की प्राप्ति होती है। भक्ति मार्ग में सरलता ही व्यक्ति को सफलता के शिखर तक ले जाती है।”

आश्रम के पावन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालु केवल आसपास के क्षेत्रों से ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान राजपुर आश्रम के महात्मा अखंडानंद जी महाराज, उमाशंकर सिंह, अशोक यादव, आनंद सिंह, बलवंत सिंह सहित अनेक संत, भक्तगण व श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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गंगाधाम महुंजी का यह धार्मिक आयोजन आस्था, भक्ति और अध्यात्म का अद्वितीय संगम बन गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। आयोजकों ने श्रद्धालुओं के सहयोग और उत्साह के लिए आभार प्रकट करते हुए अगली पूर्णिमा को पुनः इसी प्रकार के आयोजन का संकल्प लिया।

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