भदोही
खाद वितरण व्यवस्था की जांच, अनियमितता मिलने पर समितियों को नोटिस
पीपरगांव, महाराजगंज, बढ़ौना और खमाईपुर समितियों में मिली खामियां, डीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी और अपर जिला कृषि अधिकारी ने जनपद की विभिन्न सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उर्वरकों के रख-रखाव, वितरण व्यवस्था और अभिलेखों के संधारण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण में पीपरगांव सहकारी समिति पर यूरिया के रख-रखाव की स्थिति बेहद खराब मिली। करीब 50 बोरी यूरिया नमी से प्रभावित पाई गईं, जिससे उर्वरक खराब होने और शासकीय धन की क्षति की आशंका जताई गई। समिति पर स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं था, स्टॉक रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं कराया गया और किसानों को उर्वरक बिक्री की रसीद नहीं दिए जाने की बात सामने आई।
वहीं महाराजगंज सहकारी समिति में फार्मर रजिस्ट्री और निर्धारित संस्तुत मात्रा के अनुसार उर्वरक वितरण नहीं किया जा रहा था। यहां स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला और वितरण रजिस्टर में किसानों के मोबाइल नंबर भी दर्ज नहीं थे। इसके अलावा स्टॉक एवं निर्धारित बिक्री दर से संबंधित सूचना बोर्ड भी नहीं लगा पाया गया।
निरीक्षण के दौरान एमपैक्स बढ़ौना बंद मिला। समिति के खुलने और बंद होने के समय से संबंधित कोई सूचना बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं था। संबंधित सचिव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
एमपैक्स खमाईपुर में भी उर्वरकों के रख-रखाव में लापरवाही पाई गई। यहां पीओएस (PoS) मशीन के माध्यम से नियमानुसार उर्वरक वितरण नहीं किया जा रहा था और किसानों को निर्धारित मात्रा के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी।
इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित समितियों के सचिवों और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (एआर), सहकारिता को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी सहकारी समितियों को निर्देशित किया कि उर्वरकों का सुरक्षित भंडारण, पारदर्शी वितरण, अभिलेखों का सही रख-रखाव और शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
