वाराणसी
काशी रेलवे स्टेशन के कायाकल्प को मिली रफ्तार
भदऊ डाट पुल पर बनेगा छह लेन अंडरपास, 350 करोड़ की परियोजना से बदलेगी तस्वीर
रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ इंटर मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित होगा काशी स्टेशन
वाराणसी। काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस इंटर मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में रेलवे ने काम तेज कर दिया है। करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत भदऊ चुंगी स्थित भदऊ डाट पुल के पास अंडरपास का चौड़ीकरण किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद वर्तमान में दो लेन वाला मार्ग छह लेन का हो जाएगा, जिससे इस व्यस्त मार्ग पर यातायात जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।
छह लेन सड़क से आसान होगा आवागमन
वर्तमान में भदऊ डाट पुल के नीचे से केवल दो लेन में वाहनों का आवागमन होता है, जिसके कारण सुबह और शाम के समय अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। रेलवे द्वारा मौजूदा अंडरपास के दोनों ओर नए अंडरपास का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद सड़क छह लेन की हो जाएगी, जिससे छोटे और बड़े वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।
दो की जगह चार रेलवे लाइनें बिछाई जाएंगी
परियोजना के तहत रेलवे नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। अभी इस हिस्से से दो रेलवे ट्रैक गुजरते हैं, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां चार रेलवे लाइनें बिछाई जाएंगी। इससे ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में रेल यातायात अधिक सुचारु हो सकेगा।
100 दिन के मेगा ब्लॉक में तेजी से चल रहा निर्माण
नई रेलवे लाइन बिछाने और अन्य निर्माण कार्यों को गति देने के लिए रेलवे ने 100 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया है। इस दौरान कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है ताकि परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। रेलवे अधिकारी लगातार कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
इंटर मॉडल टर्मिनल के रूप में विकसित होगा स्टेशन
काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक इंटर मॉडल टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां रेल, सड़क और अन्य परिवहन सेवाओं का बेहतर समन्वय होगा। स्टेशन परिसर में यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं, सुव्यवस्थित पार्किंग, बेहतर यातायात प्रबंधन और सुगम आवागमन की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
शहर के विकास को मिलेगा नया आयाम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूर्ण होने के बाद काशी रेलवे स्टेशन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वहीं भदऊ चुंगी क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और ट्रेनों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा। यह परियोजना वाराणसी के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती प्रदान करने के साथ शहर के विकास को भी नया आयाम देगी।
