गाजीपुर
कारगिल शहीद जयप्रकाश यादव की 27वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, देशसेवा का लिया संकल्प
सांसद अफजाल अंसारी समेत सैकड़ों लोगों ने शहीद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
भांवरकोल, गाजीपुर। स्थानीय विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मच्छटी के राजस्व गांव भेलमपुर उर्फ पंडितपुरा में कारगिल शहीद जयप्रकाश यादव की 27वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उनके अदम्य साहस और देशप्रेम को नमन करते हुए उपस्थित लोगों ने उनकी शहादत से प्रेरणा लेकर देशसेवा का संकल्प लिया।
ग्राम भेलमपुर उर्फ पंडितपुरा निवासी शहीद जयप्रकाश यादव, पुत्र विजयशंकर यादव, वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों से बहादुरीपूर्वक मुकाबला करते हुए 20 अगस्त को शहीद हो गए थे। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

ध्वजारोहण के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम पंचायत प्रशासक संजय राम द्वारा ध्वजारोहण से किया गया। इसके बाद शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
इस अवसर पर गाजीपुर लोकसभा सांसद Afzal Ansari ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जयप्रकाश यादव ने अपनी कुर्बानी से यह शाश्वत संदेश दिया कि देशप्रेम से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। उन्होंने क्षेत्र के सांसद से शहीद के नाम से आवंटित खेल मैदान से अतिक्रमण हटाकर उसे शहीद पार्क के रूप में विकसित कराने का आग्रह करने की बात कही।
शहीद गीत ने नम कर दीं आंखें
कार्यक्रम में प्रबल ब्रह्म इंटर कॉलेज, अवथहीं की छात्रा अनिता ने शहीद गीत प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। इस दौरान आजमगढ़ जिले के पूर्व सैनिक कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामप्रकाश यादव, सदर गाजीपुर के विधायक किशन साहू, पूर्व मंत्री एवं दिलदारनगर विधायक ओमप्रकाश सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शहीद के पिता विजयशंकर यादव, उनके भाई एवं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सैकड़ों लोगों ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि सभा में राजनीतिक टिप्पणियों पर नाराजगी
कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने श्रद्धांजलि सभा में राजनीतिक छींटाकशी होने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि यह आयोजन देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए था और ऐसे अवसरों पर राजनीतिक टिप्पणियों से बचना चाहिए। लोगों ने कहा कि देश के लिए शहीद होने वाला सैनिक किसी जाति, धर्म या राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का होता है।
