वाराणसी
काशी में ठंड का कहर, 11 साल में सबसे सर्द रही दो जनवरी
दो दिन बाद ठंड और बढ़ने के आसार
वाराणसी। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर काशी में साफ दिखने लगा है। शुक्रवार सुबह वाराणसी के लोग हाड़ कंपाने वाली ठंड से कांप उठे। सूर्यदेव के दर्शन न होने से दिन भर ठंड का असर बरकरार रहा। जरूरी काम से बाहर निकले लोग गर्म कपड़ों में पूरी तरह ढके नजर आए, जबकि ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे।
बढ़ी ठंड, दो दिन बाद और सर्दी का अनुमान
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. राजीव बाटला ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से हवा में नमी बढ़ गई है, जिससे ठंड में इजाफा हुआ है। अगले दो दिनों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके बाद ठंड और बढ़ सकती है।
2 जनवरी: 11 साल का सबसे ठंडा दिन
इससे पहले गुरुवार को धूप के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिली। हवा में अधिक नमी होने से धूप का असर बेहद कम रहा। पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 5.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि पिछले 11 वर्षों में 2 जनवरी का सबसे कम तापमान था।
गुरुवार को अधिकतम तापमान औसत से 5.1 डिग्री कम होकर 15.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि बुधवार को यह 16.3 डिग्री था। न्यूनतम तापमान भी बुधवार के 11.2 डिग्री से गिरकर गुरुवार को 5.7 डिग्री पर आ गया, जो औसत से 3.2 डिग्री कम था। शुक्रवार को भी मौसम की स्थिति गुरुवार जैसी ही रही।
नए साल में बदल गया मौसम का मिजाज
नए साल के पहले दिन धूप निकली थी, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन इसके बाद मौसम ने करवट ली और ठंड ने सभी को परेशान कर दिया। दिन में पछुआ हवाओं की नमी और रात में कोहरे ने ठंड का प्रभाव और बढ़ा दिया। गुरुवार रात 11 बजे के बाद शहर और गांव दोनों इलाकों में घना कोहरा छा गया, जिससे ठंड ने और जोर पकड़ लिया। मौसम विभाग ने लोगों को सर्दी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। गर्म कपड़े पहनने और बाहर निकलते समय विशेष ध्यान देने की अपील की गई है।
