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वाराणसी

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति रोकने के संबंध में हुआ बैठक

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भिक्षावृत्ति रोकने के लिए चलाया जाय विशेष अभियान-जिलाधिकारी

शादी बारात में लाइट एवं कैटरिंग में जो छोटे बच्चे कार्य कर रहे हैं, उनको चिन्हित कर तत्काल रोका जाए

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किसी भी हालत में लाइट उठाने एवं कैटरिंग का कार्य करते हुए छोटे बच्चे न दिखें-डीएम

  वाराणसी। जिलाधिकारी एस.राजलिंगम ने कैंप कार्यालय में बैठक कर बालश्रम रोकने एवं भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की पहचान, रेस्क्यू, संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु प्रभावी रणनीति के साथ विशेष अभियान चलाया जाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सहायक श्रम आयुक्त से बालश्रम रोकने के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही के बारे में जानकारी ली एवं इस संबंध में अपेक्षित प्रगति न होने पर उन्होंने सहायक श्रम आयुक्त पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि शादी बारात में लाइट एवं कैटरिंग में जो छोटे बच्चे कार्य कर रहे हैं, उनको चिन्हित कर तत्काल रोका जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में लाइट उठाने एवं कैटरिंग  का कार्य करते हुए छोटे बच्चे न दिखें। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि गंगा में नाव चलाने वाले छोटे बच्चों  को भी रोका जाय। होटल, रेस्टोरेंट एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कार्य कर रहे छोटे बच्चों को चिन्हित कर रेस्क्यू किया जाए और उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

रेस्क्यू के दौरान पकड़े गए बच्चों की ट्रैकिंग न कराए जाने एवं एवं कौशल विकास की ट्रेनिंग ना कराए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए यह निर्देश दिया कि सभी बच्चों की ट्रैकिंग सर्वे करते हुए उन्हें कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जाए।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जो भी बच्चे चिन्हित किए जाएं उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने अवश्य प्रस्तुत किया जाए।
जिलाधिकारी एस .राजलिंगम ने भिक्षावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि भिक्षावृत्ति के कारण जनपद की छवि धूमिल हो रही है इस संबंध में पुलिस, जिला प्रशासन के संबंधित विभाग एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से भिक्षावृत्ति रोककर वाराणसी को भिक्षावृत्ति मुक्त काशी बनाया जाय। उन्होंने उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति में संलिप्त बालकों को बाल संरक्षण गृह में भेजा जाए एवं वृद्ध महिला/पुरुष भिक्षुओं को पुनर्वास की व्यवस्था कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने एवं रोजगार रोजगार परक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही नियोजित ढंग से भिक्षावृत्ति करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन के सभी संबंधित विभाग पुलिस प्रशासन एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों की पहचान एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने पुलिस विभाग को भिक्षावृत्ति रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाने का निर्देश भी दिया।उन्होंने कहा कि जल्दी इस संबंध में जनपद स्तर पर एक टीम गठित की जाएगी और नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति में संलिप्त बालकों को बाल संरक्षण गृह एवं असहाय,अशक्त लोगों को अपना घर एवं वृद्ध आश्रम में रखा जाएगा। उन्होंने इस संबंध में नगर निगम, पुलिस,समाज कल्याण एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कदम उठाए जाने का निर्देश दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने श्रम एवं भिक्षावृत्ति रोकने के लिए श्रम एवं समाज कल्याण विभाग को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।उन्होंने सहायक श्रम आयुक्त को निर्देशित किया कि बाल श्रम रोकने के लिए कैटरर्स,रेस्टोरेंट एवं होटल एसोसिएशन के साथ एक अलग से बैठक अवश्य कर लिया जाए इसके साथ ही बाल श्रमिकों के अभिभावकों को सरकारी योजनाओं का लाभ अवश्य दिया जाए।
बैठक में पुलिस विभाग, श्रम विभाग, समाज कल्याण विभाग के साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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