गोरखपुर
2026 में बनी सड़क पहली बारिश में उखड़ी, जगह-जगह बने गड्ढे
रानीडीहा-सिक्टौर मार्ग की हालत खराब, पानी में गड्ढे नहीं दिखने से हादसे का खतरा; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
गोरखपुर। खोराबार क्षेत्र में रानीडीहा से सिक्टौर को जोड़ने वाली सड़क निर्माण के करीब दो महीने बाद ही पहली बारिश में जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने के साथ कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश का पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए स्थायी मरम्मत की मांग की है।
रानीडीहा निवासी अंशुमान सिंह पत्नी अंकिता के साथ स्कूटी से सिक्टौर-रानीडीहा मार्ग होते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज जा रहे थे। बारिश के कारण सड़क पर पानी भरा था। अंशुमान के मुताबिक सड़क कुछ महीने पहले ही बनी थी, इसलिए उन्हें ऐसी स्थिति की उम्मीद नहीं थी। सावधानी से स्कूटी चलाने के बावजूद अचानक अगला पहिया गड्ढे में चला गया। ब्रेक लगाने पर उनकी पत्नी पानी भरी सड़क पर गिर गईं। अंशुमान ने उन्हें उठाया और आगे की यात्रा रद्द कर वापस घर लौट गए।
उन्होंने बताया कि स्कूटी की गति कम होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। सड़क बनने के कुछ ही समय बाद गड्ढे बनने और गिट्टियां बिखरने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
एक लाख से अधिक लोगों की आवाजाही
लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-दो के अधीन आने वाला यह मार्ग एम्स गोरखपुर, खोराबार ब्लॉक और आसपास के कई आवासीय क्षेत्रों को जोड़ता है। रानीडीहा, रामपुर, महादेवपुरम, मालवीय नगर, वीर बहादुरपुरम, गोरक्षनगरी, दिव्यनगर और भैरोपुर समेत आसपास के क्षेत्रों के एक लाख से अधिक लोगों की आवाजाही इसी मार्ग से होती है। एंबुलेंस समेत अन्य आपातकालीन वाहन भी इसी रास्ते से गुजरते हैं।
सड़क पर जगह-जगह गड्ढों के कारण बाइक सवारों, स्कूली बच्चों और पैदल राहगीरों को परेशानी हो रही है। वार्ड नंबर चार के पार्षद राजा यादव ने बताया कि वीआईपी के आगमन के दौरान सड़क की पैचिंग करा दी जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होता। उन्होंने बताया कि हाल ही में एक ई-रिक्शा गड्ढे में असंतुलित होकर पलट गया था, जिसमें सवार लोग घायल हुए थे।
