गोरखपुर
मूसलाधार बारिश से हाहाकार, तीन घंटे में शहर जलमग्न; चार लोगों की मौत
164 एमएम बारिश से सड़कें बनीं तालाब, घर-दुकानों में घुसा पानी; जलनिकासी को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से लोगों की नाराजगी
गोरखपुर। गोरखपुर में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और चक्रवाती मौसम ने शनिवार को हालात बिगाड़ दिए। शाम 4:30 बजे से पौने सात बजे तक करीब 164 एमएम बारिश दर्ज की गई। नगर आयुक्त अजय जैन के अनुसार 4:30 से 5:30 बजे के बीच एक घंटे में 115 एमएम बारिश हुई। भारी बारिश के कारण शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव हो गया और कई इलाकों में घरों तथा दुकानों में दो से तीन फीट तक पानी पहुंच गया। अलग-अलग घटनाओं में पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए।
रेती रोड, नखास चौक, घंटाघर, घोष कंपनी चौक, मियां बाजार, माया बाजार, टाउन हॉल, गोलघर, विजय चौक, सुमेर सागर, अलीनगर, आर्यनगर, धर्मशाला बाजार, गीता प्रेस रोड, खूनीपुर, साहबगंज, बेतियाहाता, सिविल लाइंस, हुमायूंपुर उत्तरी, दाउदपुर, बक्शीपुर, असुरन चौक और मेडिकल रोड समेत कई क्षेत्रों में जलभराव रहा। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए और जाम जैसी स्थिति बनी रही।
नौसड़ में यूनिपोल गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि कार सवार सुरक्षित बच गए। वहीं रेती रोड और हुमायूंपुर उत्तरी समेत कई स्थानों पर घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान प्रभावित हुआ।

पेड़ गिरने से चार की मौत
कैंपियरगंज क्षेत्र के लक्ष्मीपुर द्वितीय गांव के गागरहिया टोला में झोपड़ी पर पेड़ गिरने से किशन (13), सुभाष (45) और ज्ञानमती (40) की मौत हो गई, जबकि श्याम मिलन (50) घायल हुए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
दूसरी घटना में भौवापार के रामकोठा में पेड़ की चपेट में आने से बाइक सवार भीम कुमार (33), निवासी गागड़ा गांव, चौरीचौरा, की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पेड़ की चपेट में एक बोलेरो भी क्षतिग्रस्त हुई, हालांकि उसमें सवार लोग सुरक्षित रहे।
जलनिकासी को लेकर नाराजगी
जलभराव से परेशान व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने शहर का जायजा लेने पहुंचे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई। किराना मंडी में लोगों ने जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर विरोध दर्ज कराया। सोशल मीडिया पर भी स्थानीय नेताओं और पार्षदों की ओर से जलभराव को लेकर वीडियो और तस्वीरें साझा की गईं।
बेतियाहाता के पार्षद व अधिवक्ता विश्वजीत त्रिपाठी और सांसद रवि किशन के बीच जलनिकासी को लेकर फोन पर हुई बातचीत भी चर्चा में रही। वहीं सपा नेत्री काजल निषाद ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर शहर में जलभराव को लेकर सवाल उठाए। हालांकि सांसद रवि किशन नगर आयुक्त और महापौर के साथ शहर के प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते भी नजर आए।
प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि पहले ही भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। कैंपियरगंज और गगहा थाना क्षेत्र में कुल चार लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि दैवीय आपदा में मृत्यु पर नियमानुसार चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी तथा फसलों के नुकसान का भी आकलन कराया जाएगा। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण और राहत-बचाव कार्य के लिए अलर्ट किया गया है।

जिला प्रशासन ने आपदा की स्थिति में 1533, जिला कंट्रोल रूम 0551-2342621, व्हाट्सऐप सहायता 8810709390 और नगर निगम हेल्पलाइन 9454416252 जारी किए हैं।
सांसद रवि किशन ने लोगों से दो दिन तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और आकाशीय बिजली से सतर्क रहने की अपील की। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त अजय जैन के अनुसार नगर निगम की टीमें और पंप लगातार जलनिकासी में जुटे हैं। अधिकारियों ने कुछ घंटों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई है।
