गाजीपुर
तेज बारिश से भरभरा कर गिरे कच्चे मकान, बेघर हुए गरीब परिवार
तूफानी हवा और मूसलाधार बारिश से गांवों में बढ़ी मुश्किलें, बिजली-पानी संकट ने भी बढ़ाई परेशानी
बहरियाबाद (गाजीपुर)। बहरियाबाद और आसपास के ग्रामीण अंचलों में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला जारी है। मिट्टी, घास-फूस, बांस और खपरैल से बने मकानों के क्षतिग्रस्त होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने सिर छिपाने की समस्या खड़ी हो गई है। कई परिवारों का आशियाना उजड़ने से उनके सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है।

लगातार बारिश के कारण गांवों में कच्चे मकानों तक पानी पहुंच गया है। इससे मकानों की दीवारें कमजोर होकर भरभरा कर गिर रही हैं। वहीं, तेज हवा के झोंकों से क्षेत्र में कई पेड़ भी धराशायी हो गए। बिजली के खंभों के आसपास पेड़ गिरने से तार और खंभे क्षतिग्रस्त होकर जगह-जगह पड़े हैं। विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर व्यवस्था बहाल करने में जुटे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से पेयजल का संकट भी गहरा गया है। बिजली नहीं रहने के कारण जल निगम की टंकियों से होने वाली जलापूर्ति बंद है। वहीं, गांवों में लगे कई हैंडपंपों से भी गंदा पानी निकलने की शिकायत है। इससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
तूफानी हवा और तेज बारिश से पशुपालकों के सामने पशुओं के चारे की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। हालांकि रविवार को धूप निकलने से क्षेत्रीय लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश से प्रभावित गरीब परिवारों को तत्काल सहायता की जरूरत है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए मकानों का सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा एवं आवासीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते सहायता मिलने से बेघर हुए परिवारों को दोबारा अपना आशियाना खड़ा करने में सहारा मिल सकेगा।
