वाराणसी
काशी में दिखेगी अंगकोर वाट की भव्यता, हथुआ मार्केट में सजेगा अनोखा दुर्गा पूजा पंडाल
अंगकोर वाट की स्थापत्य कला से प्रेरित होगा पंडाल, मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ दिखेगा प्राचीन शिल्प और आधुनिक तकनीक का संगम
वाराणसी। काशी और पूर्वांचल की चर्चित दुर्गा पूजा प्रस्तुतियों के लिए पहचान बना चुके प्रीमियर बॉयज क्लब, हथुआ मार्केट ने इस वर्ष के दुर्गा पूजा पंडाल की थीम का अनावरण किया है। इस बार हथुआ मार्केट में कंबोडिया के विश्वविख्यात अंगकोर वाट मंदिर की स्थापत्य कला से प्रेरित भव्य पंडाल तैयार किया जाएगा।
12वीं शताब्दी में खमेर सम्राट सूर्यवर्मन द्वितीय द्वारा भगवान विष्णु को समर्पित हिंदू मंदिर के रूप में निर्मित अंगकोर वाट की स्थापत्य भव्यता को काशी में जीवंत रूप देने का प्रयास किया जाएगा। पंडाल में मंदिर के विशाल शिखरों, प्रवेश संरचना, बारीक शिल्पकारी और आकर्षक प्रकाश सज्जा के माध्यम से इसकी भव्यता को दर्शाया जाएगा।
क्लब के कोषाध्यक्ष डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि यह प्रस्तुति केवल किसी ऐतिहासिक स्मारक की प्रतिकृति बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैली सनातन संस्कृति और स्थापत्य परंपरा को काशी की शक्ति-आराधना से जोड़ने का प्रयास है। पंडाल के केंद्र में आदिशक्ति मां दुर्गा की दिव्य प्रतिमा विराजमान होगी।
प्रीमियर बॉयज क्लब के अनुसार इस वर्ष की प्रस्तुति में प्राचीन शिल्प, सनातन संस्कृति और आधुनिक कलात्मक तकनीक का संगम देखने को मिलेगा। क्लब का कहना है कि दुर्गा पूजा उसके लिए केवल वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि काशी और पूर्वांचल के श्रद्धालुओं की आस्था, स्नेह और वर्षभर की प्रतीक्षा से जुड़ा सांस्कृतिक दायित्व है।
क्लब के सदस्यों के मुताबिक इस बार हथुआ मार्केट में श्रद्धालुओं को अंगकोर वाट की स्थापत्य भव्यता, काशी की आध्यात्मिक चेतना और मां दुर्गा की शक्ति-आराधना का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। पंडाल निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है और इसे श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी है।
