गोरखपुर
आठ माह की गर्भवती विवाहिता से मारपीट, गर्भ में बच्चे की मौत का आरोप
पति समेत पांच लोगों पर मुकदमा
गोरखपुर। गीडा थाना क्षेत्र के कालेसर गांव में दहेज उत्पीड़न और विवाहिता से मारपीट का मामला सामने आया है। विवाहिता ने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि आठ माह की गर्भावस्था के दौरान उसके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। एसएसपी के आदेश पर गीडा पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी के कुछ समय बाद शुरू हुआ विवाद
कालेसर गांव निवासी महिमा सिंह की शादी 30 मई 2023 को गांव के ही अमित सिंह पुत्र गुलाब सिंह से हुई थी। पीड़िता के अनुसार, शादी के करीब आठ महीने तक सब कुछ सामान्य रहा। इसके बाद पति और ससुराल पक्ष के लोग कथित रूप से दहेज की मांग को लेकर उसे परेशान करने लगे। इसी दौरान उसके पिता की मौत हो गई, जिससे मायके की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई और वह कथित मांग पूरी नहीं कर सकी।
आठ माह की गर्भावस्था में मारपीट का आरोप
महिमा का आरोप है कि आठ माह की गर्भवती होने के दौरान उसके पति ने उसके साथ मारपीट की। पीड़िता के मुताबिक, इसके बाद गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। उसने बताया कि डॉक्टरों के प्रयास से उसकी जान बच सकी। इसके बावजूद ससुराल में कथित उत्पीड़न जारी रहा।
पति पर दूसरी युवती से संबंध का आरोप
विवाहिता ने अपने पति पर एक अन्य युवती से प्रेम संबंध होने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पति दूसरी युवती से शादी करने की धमकी देता था और इसी बात को लेकर उसके साथ मारपीट करता था।
12 सितंबर को घर से निकालने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को पति और ससुराल के अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इस दौरान उसके जेवरात छीनने का भी आरोप लगाया गया है। इसके बाद उसने एसएसपी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई।
पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज
एसएसपी के आदेश पर गीडा पुलिस ने पति अमित सिंह, जेठ प्रदीप सिंह, जेठानी चंद्रशिला, सास तारा सिंह और ससुर गुलाब सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी समेत संबंधित आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और मामले की जांच जारी है।
