गाजीपुर
रुकनपुर दरगाह में मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी
अंजुमन मखदूमिया के तत्वावधान में हुआ आयोजन
बहरियाबाद/गाजीपुर। अंजुमन मखदूमिया रुकनपुर दरगाह के तत्वावधान में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन धूमधाम से किया गया। जलसे में दूर-दराज से आए उलेमा और वक्ताओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तफा की सीरत और उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
सीरते मुस्तफा को जीवन में उतारने पर जोर
खतीब व वकार सगीर अहमद सोनभद्र ने तकरीर में पैगंबर हजरत मोहम्मद को पूरी इंसानियत के लिए रहमत बताते हुए उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी केवल रोशनी, झंडे और पकवान बांटने का अवसर नहीं, बल्कि अपने आचरण की समीक्षा करने और नबी की सुन्नतों पर अमल करने का भी मौका है।

सच, माता-पिता के सम्मान और पड़ोसियों के हक की बात
उन्होंने कहा कि पैगंबर ने लोगों को सच बोलने, माता-पिता का सम्मान करने, पड़ोसियों के अधिकारों का ख्याल रखने और जरूरतमंदों की मदद करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में समाज में अमन, भाईचारा और आपसी प्रेम बढ़ाने के लिए सीरते मुस्तफा की शिक्षाओं पर अमल जरूरी है।
जरूरतमंदों और यतीमों की मदद का संदेश
तकरीर में यतीमों और गरीबों की मदद करने तथा सभी के साथ इंसानियत और भाईचारे का व्यवहार करने का संदेश दिया गया। वक्ता ने कहा कि व्यक्ति को अपने लिए जो पसंद है, वही अपने दूसरे भाई के लिए भी पसंद करना चाहिए।

कई उलेमा और वक्ताओं ने की शिरकत
कार्यक्रम में सोहराब कादरी देवरिया, दानिश अटारी नोमानी, मोहम्मद बिलाल रजा बरकाती शादियाबाद, मौलाना अजमल रजा मिस्बाही मलिकनगांव, हाफिज व कारी मोहम्मद तौफीक हुसैन सहित कई उलेमा और वक्ताओं ने शिरकत की।
अमन और भाईचारे की दुआ के साथ हुआ समापन
जलसे के अंत में देश में अमन, चैन और भाईचारे के लिए दुआ की गई। इस अवसर पर मुस्ताक अहमद, अफरोज आलम एडवोकेट, नजर अहमद, एनाम अख्तर संजू, नौशाद अहमद राजू, शकील अहमद, सद्दाम, शहनवाज, मोहम्मद आरिफ, कमर अहमद, मोहम्मद हमजा, डॉ. फैजुर रहमान, खालिद, मोहम्मद आमिर, तनवीर अहमद, मनाऊ, आफताब अहमद और नवाज सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
