गाजीपुर
औद्योगिक क्षेत्र के बावजूद एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं
15 किमी परिधि के सैकड़ों गांवों के यात्री प्रभावित
नंदगंज/गाजीपुर। जनपद के एकमात्र औद्योगिक क्षेत्र और लॉर्ड्स डिस्टिलरी जैसी प्रमुख औद्योगिक इकाई वाले नंदगंज रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं होने से क्षेत्रीय यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन दिल्ली, मुंबई, बिहार, गुजरात, सूरत, लखनऊ और वाराणसी समेत विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं।
दूसरे स्टेशनों पर जाना पड़ रहा
एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण यात्रियों को गाजीपुर, औड़िहार अथवा वाराणसी जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है। इससे यात्रियों का अतिरिक्त समय और धन खर्च होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नंदगंज में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होने से आसपास के यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

कोरोना काल के बाद नहीं लौटा सारनाथ एक्सप्रेस का ठहराव
स्थानीय लोगों के अनुसार कोरोना काल से पहले नंदगंज स्टेशन पर सारनाथ एक्सप्रेस का ठहराव होता था। कोरोना काल समाप्त होने के बाद भी अब तक इसका ठहराव दोबारा शुरू नहीं हो सका है। एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों की ओर से कई बार रेलवे अधिकारियों को पत्रक भी दिया गया, लेकिन अभी तक ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
चार विकासखंडों के गांवों पर असर
नंदगंज रेलवे स्टेशन से करीब 15 किलोमीटर की परिधि में देवकली, करंडा, सैदपुर और सदर ब्लॉक के सैकड़ों गांव आते हैं। इन क्षेत्रों के लोग आवागमन के लिए नंदगंज स्टेशन पर निर्भर हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को 15 से 20 किलोमीटर दूर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है।
माल ढुलाई से भी जुड़ा है स्टेशन
नंदगंज रेलवे स्टेशन पर मालवाहक रैक के माध्यम से माल ढुलाई का कार्य भी होता है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला है और यहां से बिहार क्षेत्र की ओर भी माल आवागमन होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन के महत्व और यात्रियों की संख्या को देखते हुए यहां प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव जरूरी है।
सुहेलदेव, सद्भावना और सारनाथ के ठहराव की मांग
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सुहेलदेव एक्सप्रेस, सद्भावना एक्सप्रेस और सारनाथ एक्सप्रेस समेत अन्य प्रमुख ट्रेनों के अप और डाउन मार्ग पर कम से कम दो-दो मिनट का ठहराव सुनिश्चित कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इससे आसपास के गांवों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
