गाजीपुर
भांवरकोल में डेंगू का खतरा, फॉगिंग-सफाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश
कई गांव चिन्हित होने के बावजूद संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर सवाल, ग्रामीणों ने तत्काल एंटी लार्वा छिड़काव की मांग की
भांवरकोल (गाजीपुर), 29 अगस्त। बरसात के मौसम में भांवरकोल क्षेत्र में डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के कई गांवों को डेंगू के संभावित संक्रमण को लेकर चिन्हित किया गया है, लेकिन इसके बावजूद मच्छरों की रोकथाम और साफ-सफाई को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
फॉगिंग नहीं होने से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
ग्रामीणों के मुताबिक जुलाई माह से संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाए जाने के बावजूद कई गांवों में नियमित फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं होने की शिकायत है। बरसात के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
खुले में पड़ा कूड़ा भी बना परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में कूड़ा उठाने की समुचित व्यवस्था नहीं है। कई स्थानों पर कचरा खुले में पड़ा हुआ है। बारिश के बाद गंदगी और जलभराव की स्थिति मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। इससे डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है।
जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क का प्रयास
ग्रामीणों की समस्या को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोड़उर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर और खंड विकास अधिकारी भांवरकोल से दूरभाष के जरिए संपर्क करने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, किसी भी अधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी और बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से भांवरकोल ब्लॉक के सभी गांवों में तत्काल फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने की मांग की है। इसके साथ ही खुले में पड़े कूड़े को हटाने, जलभराव वाले स्थानों की सफाई कराने और नियमित रूप से मच्छर नियंत्रण अभियान चलाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बीमारी फैलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही रोकथाम के प्रभावी इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने प्रशासन से गांवों में नियमित निगरानी कराकर आवश्यक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
