वाराणसी
कैंसर मुक्त भारत के लिए खुद को कैंसर के खिलाफ लड़ना होगा : डॉ. दिवाकर सिंह
जागरूकता से कैंसर की समय पर पहचान संभव, बेटियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी दिया जोर
वाराणसी। रचना फाउंडेशन, मिशन शक्ति एवं राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में कैंसर से बचाव और बेटियों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता सेमिनार का आयोजन महाविद्यालय के महर्षि चरक सभागार में किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समय पर जांच और उचित उपचार के महत्व पर जोर दिया।
समय पर डॉक्टर के पास पहुंचने से बच सकती है जान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ. दिवाकर सिंह, पूर्व अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कहा कि कैंसर आज गंभीर और जानलेवा बीमारी है, लेकिन जागरूकता और समय पर उपचार से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कैंसर मुक्त भारत के लिए लोगों को खुद कैंसर के खिलाफ जागरूक होकर लड़ना होगा। अज्ञानता के कारण कई लोग बीमारी का समय पर इलाज नहीं करा पाते, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत
विशिष्ट अतिथि समाजसेवी एवं उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में कैंसर को लेकर कुछ हद तक जागरूकता है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी जागरूकता का अभाव है। उन्होंने रचना फाउंडेशन से ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक कैंसर से बचाव, शुरुआती लक्षण और उपचार की सही जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। इसके लिए समाज की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया।
बेटियां सुरक्षित और स्वस्थ रहेंगी तो समाज मजबूत होगा
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एवं अधीक्षक प्रो. डीके मौर्य ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भी स्वास्थ्य और जागरूकता को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि बेटियां सुरक्षित और स्वस्थ रहेंगी तो समाज और देश मजबूत होगा। बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर परिवार एवं समाज को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
गलत इलाज के चक्कर में न पड़ें
संस्था के संस्थापक एवं समाजसेवी धीरज सिन्हा ने कहा कि कैंसर आज आम बीमारी के रूप में सामने आ रहा है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में कई लोग झोलाछाप या अप्रमाणित इलाज के चक्कर में पड़ जाते हैं। इससे बीमारी का सही समय पर उपचार नहीं हो पाता।
उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि लोगों को सही चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराई जाए और उन्हें योग्य चिकित्सकों के माध्यम से उपचार के लिए प्रेरित किया जाए।
महिलाओं को खुद के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना होगा
कार्यक्रम संयोजक डॉ. अंजना सक्सेना ने कहा कि महिलाओं को सबसे पहले अपने स्वास्थ्य के प्रति स्वयं जागरूक होना होगा। उन्होंने कहा कि एक महिला स्वस्थ रहती है तो परिवार की देखभाल बेहतर तरीके से कर पाती है। इसलिए महिलाओं को अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी चाहिए और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
माल्यार्पण और स्वागत गीत से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर माल्यार्पण और महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान कैंसर से बचाव, स्वास्थ्य जागरूकता और महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्पिता मिश्रा ने किया। इस अवसर पर डॉ. दिवाकर सिंह, प्रो. डीके सिंह, डॉ. अंजना सक्सेना, प्रो. संजय कुमार पांडेय, प्रो. शशि सिंह, प्रो. अवधेश कुमार सरोज, डॉ. मनीष मिश्रा, धीरज सिन्हा, शत्रुघ्न सिंह ‘सनी’, पारसनाथ यादव और मनोज विश्वकर्मा सहित महाविद्यालय के शिक्षक, छात्राएं और अन्य लोग मौजूद रहे।
