वाराणसी
स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में बेड और दवाओं की व्यवस्था
बुखार-खांसी को नजरअंदाज न करें, समय पर लें चिकित्सकीय सलाह : सीएमओ डॉ. एनपी सिंह
वाराणसी, 29 अगस्त। स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा-ए/एच1एन1 की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने जनपद स्तरीय चिकित्सालयों के साथ सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक बेड आरक्षित रखने और स्वाइन फ्लू के उपचार में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैल सकता है संक्रमण
सीएमओ ने बताया कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली श्वसन बूंदों के संपर्क में आने से इसका संक्रमण फैल सकता है। ऐसे में लक्षणों की समय से पहचान और उचित चिकित्सकीय उपचार बेहद जरूरी है।
बुखार, खांसी और गले में खराश प्रमुख लक्षण
स्वाइन फ्लू से संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर एवं मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है।
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर विशेष सावधानी बरतने और तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
बचाव के लिए सावधानी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते और छींकते समय नाक-मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकने की अपील की है। साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोने अथवा हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
बुखार, खांसी या अन्य श्वसन संबंधी लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने तथा संक्रमित या बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस्तेमाल किए गए टिश्यू को खुले में न फेंकने और पर्याप्त आराम के साथ तरल पदार्थ लेते रहने को भी कहा गया है।
बिना सलाह दवा लेने से बचें
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि चिकित्सकीय परामर्श के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
लक्षण वाले मरीजों की होगी निगरानी
डॉ. एनपी सिंह ने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया है कि स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षण वाले लोगों की समय से पहचान, चिकित्सकीय जांच, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। चिन्हित मरीजों से संबंधित आवश्यक जानकारी निर्धारित पोर्टल पर समय से अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जनपद स्तर पर बीमारी की निगरानी और नियंत्रण प्रभावी ढंग से किया जा सके।
उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं, जांच और उपचार से जुड़े संसाधनों की नियमित समीक्षा करने को भी कहा है।
अफवाहों से बचें, समय पर लें चिकित्सकीय सलाह
सीएमओ ने जनसामान्य से अपील की कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं और समय से चिकित्सकीय सलाह लें। बीमारी को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं।
