गाजीपुर
गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर डीएम ने किया संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
बिरऊपुर और हसनपुर पहुंचे डीएम अनुपम शुक्ला, फसल क्षति सर्वे और राहत तैयारियों के दिए निर्देश
गाजीपुर, 24 अगस्त 2026। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने तहसील सेवराई के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत बिरऊपुर और हसनपुर पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
बिरऊपुर में खेतों में जलभराव, धान की फसल को नुकसान की आशंका
निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत बिरऊपुर से हुई। गंगा नदी के सबसे नजदीक होने के कारण यह गांव बाढ़ से अधिक प्रभावित होता है। जिलाधिकारी ने खेतों में पहुंचकर जलभराव की स्थिति देखी। किसानों ने बताया कि पानी घुसने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इस पर डीएम ने कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को तत्काल सर्वे कर फसल क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने वाले किसानों के क्लेम की कार्रवाई प्राथमिकता से पूरी की जाए, ताकि उन्हें समय पर मुआवजा मिल सके।
ग्रामीणों ने उठाई नाव, पेयजल, दवा और पशु चारे की समस्या
इसके बाद जिलाधिकारी हसनपुर गांव पहुंचे, जहां पंचायत भवन में ग्रामीणों, ग्राम प्रधान और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। ग्रामीणों ने नाव, स्वच्छ पेयजल, दवाओं और पशुओं के चारे से संबंधित समस्याएं रखीं। डीएम ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
गंगा किनारे न जाने की अपील
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से बाढ़ के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि गंगा नदी के किनारे न जाएं, क्योंकि पानी का प्रवाह तेज होने से खतरा बना हुआ है। बच्चों को अकेले बाहर न निकलने देने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की भी अपील की गई।

15 दिनों के खाद्य और पेयजल भंडारण के निर्देश
इसके बाद तहसील सभागार जमानिया में बैठक कर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को गांवों में पशुओं का युद्धस्तर पर टीकाकरण कराने और भूसे व हरे चारे का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला पूर्ति विभाग को बाढ़ प्रभावित गांवों के पंचायत भवनों और बाढ़ शरणालयों में कम से कम 15 दिनों के लिए खाद्य सामग्री और स्वच्छ पेयजल का अग्रिम भंडारण कराने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य टीम, दवाएं और एंटी-वेनम की व्यवस्था
मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी बाढ़ चौकियों और शरणालयों में चिकित्सकों की टीम तैनात रहे। पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, बुखार और उल्टी-दस्त की दवाओं के साथ एंटी-वेनम इंजेक्शन भी उपलब्ध रखे जाएं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की सूची पहले से तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जलमग्न मार्गों पर बैरिकेडिंग और 24 घंटे निगरानी
डीएम ने लोक निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित व जलमग्न होने वाले सभी मार्गों पर तत्काल बैरिकेडिंग और खतरे के निशान लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त संख्या में नाव, नाविक और लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला प्रशासन द्वारा जिला और तहसील स्तर पर 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों में कंट्रोल रूम नंबर चस्पा कराने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी जमानिया, तहसीलदार सेवराई, खंड विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
