भदोही
जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, हादसे का खतरा
माधोरामपुर कंपोजिट विद्यालय की बदहाल स्थिति पर विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष ने जताई चिंता, अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप
भदोही, 23 अगस्त। विकासखंड भदोही के माधोरामपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय की जर्जर हालत बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। विद्यालय भवन की स्थिति इतनी खराब बताई जा रही है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं पर्याप्त संसाधनों के अभाव में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष विनय कुमार दुबे उर्फ राजू ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
जर्जर भवन से बच्चों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष विनय कुमार दुबे का आरोप है कि विद्यालय भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। भवन की खराब हालत को देखते हुए यहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन में चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत अथवा बच्चों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को विवश बच्चे
विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कई बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। एक ओर सरकारी विद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं माधोरामपुर कंपोजिट विद्यालय की मौजूदा स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
कई बार अधिकारियों को दी गई शिकायत
विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष विनय कुमार दुबे ने बताया कि विद्यालय की जर्जर स्थिति के संबंध में उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी जसवंत सिंह को कई बार अवगत कराया है। उनके अनुसार ई-मेल, लिखित पत्र और फोन के माध्यम से विद्यालय भवन की स्थिति की जानकारी देते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
बड़ी अनहोनी की आशंका, जिम्मेदारी तय करने की मांग
विनय कुमार दुबे ने कहा कि विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं और उनकी सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को विद्यालय की स्थिति की कई बार जानकारी दी जा चुकी है और किसी हादसे की स्थिति में जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
तकनीकी जांच और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। यदि भवन असुरक्षित पाया जाता है तो बच्चों की पढ़ाई के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही जर्जर भवन की मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण कराकर बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
