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दुबई-भारत रिश्तों को नई रफ्तार: एआई और निवेश के लिए दो बड़े समझौते
दुबई चैंबर्स ने नैसकॉम और एफकेसीसीआई के साथ एमओयू किए, भारतीय कंपनियों के लिए दुबई में विस्तार के नए अवसर खुलेंगे
बेंगलुरु। दुबई चैंबर्स ने भारत और दुबई के बीच व्यापार, निवेश और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती देने के लिए बेंगलुरु में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैसकॉम) और फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) के साथ हुए हैं।
दुबई चैंबर्स के अध्यक्ष और सीईओ महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु दौरे के दौरान प्रमुख भारतीय व्यापारिक संगठनों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ आठ उच्चस्तरीय बैठकें कीं। नैसकॉम, सीआईआई, एफकेसीसीआई और फिक्की सहित कई संगठनों के साथ व्यापारिक सहयोग और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा हुई।
नैसकॉम के साथ हुआ समझौता एजेंटीक एआई और डीपटेक में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके तहत दुबई में कारोबार स्थापित करने और विस्तार करने की इच्छुक भारतीय कंपनियों को बाजार तक पहुंच, नेटवर्किंग, बी2बी बैठकें और नवाचार सहयोग का लाभ मिलेगा।
वहीं एफकेसीसीआई के साथ समझौते के तहत एक ‘वर्चुअल दुबई डेस्क’ स्थापित की जाएगी, जो दुबई में व्यापारिक अवसर तलाशने वाली कंपनियों के लिए संपर्क केंद्र का काम करेगी। यह मार्केट-एंट्री, इकोसिस्टम से जुड़ाव और कारोबार विस्तार में मदद करेगी।
दुबई चैंबर्स के अनुसार जून 2026 के अंत तक दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स में 85,841 भारतीय कंपनियां सक्रिय सदस्य थीं, जो सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती हैं। 2025 में दुबई में भारतीय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2.28 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता ने कहा कि भारतीय कंपनियां दुबई के विकास की महत्वपूर्ण भागीदार हैं और नए समझौते एआई, डीपटेक, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में दोनों बाजारों के लिए नए अवसर पैदा करेंगे।
