Connect with us

गाजीपुर

आजादी की जंग में नंदगंज ने भी लिखी थी शहादत की इबारत

Published

on

Loading...
Loading...

18 अगस्त 1942 के नंदगंज रेल कांड की स्मृतियां आज भी जीवंत, बाबू भोला नाथ सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की उठी मांग

नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के स्थानीय इतिहास से जोड़ने के लिए शहीद स्मारक और इतिहास के दस्तावेजीकरण पर जोर

नंदगंज (गाजीपुर)। स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल बड़े शहरों और चर्चित आंदोलनों तक सीमित नहीं रहा। गांव-कस्बों के अनगिनत लोगों ने भी देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। गाजीपुर का नंदगंज क्षेत्र भी स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवपूर्ण इतिहास का महत्वपूर्ण साक्षी रहा है। 18 अगस्त 1942 को नंदगंज रेलवे स्टेशन पर अंग्रेजी सेना के लिए कपड़ा और रसद लेकर जा रही मालगाड़ी के 52 डिब्बों से जुड़ी घटना आज भी क्षेत्र में स्वतंत्रता संघर्ष की महत्वपूर्ण स्मृति के रूप में याद की जाती है।

भारत छोड़ो आंदोलन में मुखर हुआ था जनआक्रोश

भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ नंदगंज क्षेत्र में भी जनआक्रोश उभरकर सामने आया था। स्थानीय इतिहास में दर्ज विवरणों के अनुसार क्रांतिकारियों ने नंदगंज रेलवे स्टेशन पर अंग्रेजी शासन के खिलाफ प्रतिरोध जताते हुए रेल व्यवस्था को चुनौती दी थी। इस दौरान पुलिस और अंग्रेजी सेना की ओर से गोली चलाए जाने की घटना का भी उल्लेख मिलता है, जिसमें कई लोगों के घायल होने और अनेक लोगों के शहीद होने की जानकारी स्थानीय स्मृतियों में दर्ज है।

बाबू भोला नाथ सिंह का योगदान भी रहा महत्वपूर्ण

नंदगंज रेल कांड से जुड़े स्वतंत्रता सेनानी बाबू भोला नाथ सिंह का नाम क्षेत्र में विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी उन्होंने शहीदों की स्मृतियों को जीवित रखने के प्रयास किए। वर्ष 1949 में उन्होंने शहीदों की स्मृति को संरक्षित करने के उद्देश्य से शहीद स्थली पर शहीद स्मारक इंटर कॉलेज नंदगंज की स्थापना की, जो आज भी क्षेत्र की गौरवपूर्ण विरासत से जुड़ा संस्थान माना जाता है।

Advertisement

स्थायी स्मारक की मांग ने फिर पकड़ा जोर

क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम के स्थानीय नायकों और शहीदों की स्मृतियों को स्थायी रूप से संरक्षित किया जाना जरूरी है। इसी क्रम में लंबे समय से नंदगंज में बाबू भोला नाथ सिंह की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग की जा रही है। लोगों की मांग है कि प्रतिमा के साथ नंदगंज रेल कांड और क्षेत्र के अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का संक्षिप्त इतिहास भी प्रदर्शित किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने क्षेत्र के गौरवपूर्ण अतीत से परिचित हो सके।

इतिहास के तथ्यपरक दस्तावेजीकरण की जरूरत

क्षेत्रवासियों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से उपयुक्त सार्वजनिक स्थल पर प्रतिमा स्थापित कराने की पहल करने की मांग की है। साथ ही नंदगंज रेल कांड से जुड़े इतिहास का तथ्यपरक दस्तावेजीकरण कराने और शहीदों की स्मृतियों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया है।

18 अगस्त को शहीद दिवस के रूप में स्मरण करते हुए बाबू भोला नाथ सिंह की प्रतिमा स्थापित करने का संकल्प लेना क्षेत्र के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले सभी वीर शहीदों को शत-शत नमन।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page