गाजीपुर
ढाई साल से मुख्य खड़ंजे पर अतिक्रमण, ग्रामीणों का आवागमन बाधित
ईंट, लकड़ी और ट्रैक्टर खड़े किए जाने से संकरा हुआ रास्ता, विवाद बढ़ने की आशंका
सैकड़ों परिवारों के आवागमन का प्रमुख मार्ग, ग्रामीणों ने स्थलीय निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने की मांग की
सिधौना (गाजीपुर)। ग्रामसभा सिधौना की उत्तर-पूर्वी हरिजन बस्ती से गांव की ओर आने वाले मुख्य खड़ंजे पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब ढाई वर्षों से कभी निर्माण सामग्री, कभी उपली और अब ईंटों के चट व जंगली लकड़ियां रखकर रास्ते के मुहाने को बाधित किया जा रहा है। इससे सैकड़ों परिवारों के आवागमन में परेशानी हो रही है।

ईंट और लकड़ियों से रास्ते का मुहाना बाधित
ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान में रास्ते के मुहाने पर हरेंद्र राम, जुटन राम और ओमप्रकाश की ओर से ईंटों के चट लगाए गए हैं। वहीं जंगली लकड़ियां भी बांधकर रखी गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले इसी स्थान पर उपली रखकर रास्ता घेरा जाता था। आरोप है कि किसी न किसी रूप में रास्ते पर लगातार अवरोध बना रहता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, जोगिंदर राम का ट्रैक्टर भी अक्सर रास्ते के मुहाने पर खड़ा रहता है। इससे पहले से संकरे मार्ग पर आवागमन और मुश्किल हो जाता है।
रास्ते पर घरेलू गतिविधियों से भी परेशानी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिवजग राम की ओर से रास्ते पर नहाने, खाट लगाने, बैठने और बकरियां बांधने जैसी गतिविधियां भी की जाती हैं। इससे राहगीरों को रास्ता पार करने में परेशानी होती है
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अतिक्रमण को लेकर बढ़ रहा आपसी विवाद
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित लोगों से रास्ता खाली रखने का आग्रह किया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। अब स्थिति यह बन रही है कि एक पक्ष द्वारा रास्ते पर सामान रखे जाने के बाद दूसरे लोग भी उसी का हवाला देकर रास्ता बाधित करने की बात कह रहे हैं। इससे गांव में आपसी विवाद बढ़ने की आशंका है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का स्थलीय निरीक्षण कर खड़ंजे की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि रास्ते पर अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार उसे हटाकर मार्ग को पूरी तरह आवागमन योग्य कराया जाए। इससे सैकड़ों परिवारों को राहत मिलने के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवाद को भी समाप्त किया जा सकेगा।
