मिर्ज़ापुर
मिर्जापुर में बेकाबू ट्रैफिक से बढ़ी परेशानी, जाम बना रोज की मुसीबत
ऑटो और ई-रिक्शा की अव्यवस्था से शहर की रफ्तार थमी, लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
रूट निर्धारण, अधिकृत स्टैंड और सख्त कार्रवाई की मांग तेज
मिर्जापुर। कालीन नगरी और मां विंध्यवासिनी की पावन नगरी मिर्जापुर इन दिनों लगातार बढ़ती यातायात अव्यवस्था और जाम की समस्या से जूझ रही है। शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर बाजारों और संकरी गलियों तक दिनभर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अनियंत्रित ऑटो और ई-रिक्शा संचालन के कारण यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
प्रमुख चौराहों पर बढ़ रही अव्यवस्था
स्टेशन रोड, शास्त्री पुल, कटरा बाजीराव और विंध्याचल मार्ग जैसे व्यस्त मार्गों पर ऑटो चालकों द्वारा बीच सड़क पर सवारी चढ़ाने-उतारने से यातायात बाधित हो रहा है। नागरिकों का कहना है कि निर्धारित ऑटो स्टैंड के अभाव में कई चौराहे अनौपचारिक स्टैंड का रूप ले चुके हैं, जिससे जाम की समस्या और गंभीर हो गई है।
क्षमता से अधिक सवारी और अव्यवस्थित संचालन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई ऑटो और ई-रिक्शा क्षमता से अधिक सवारी लेकर चलते हैं। बिना निर्धारित रूट के मुख्य सड़कों पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चलने से भी यातायात पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ रही है।
जाम से आमजन और श्रद्धालु परेशान
स्थानीय नागरिकों के अनुसार जाम के कारण रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कार्यालय और स्कूल जाने वालों के साथ-साथ विंध्याचल धाम आने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी जाम के कारण रास्ता बनाने में कठिनाई होती है।
नागरिकों ने प्रशासन से की ये मांगें
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से ऑटो एवं ई-रिक्शा के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित करने, प्रमुख चौराहों पर अधिकृत स्टैंड बनाने, अवैध पार्किंग पर सख्ती करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
