गाजीपुर
गुरु पूर्णिमा पर पोस्ता घाट मठिया में सजा भव्य दरबार
पक्का पुल स्थित ऐतिहासिक मंदिर में फूलों और रोशनी से हुई आकर्षक सजावट, दिनभर चलता रहा पूजा-अर्चना का क्रम
भक्ति और आस्था से सराबोर रहा मंदिर परिसर
गाजीपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पक्का पुल के समीप स्थित ऐतिहासिक पोस्ता घाट मठिया मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और विद्युत झालरों से सजे मंदिर में भगवान का भव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। सुबह से देर शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए मंदिर पहुंचते रहे।
गंगा स्नान के बाद पहुंचे श्रद्धालु
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पोस्ता घाट मठिया पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान के अलौकिक स्वरूप के दर्शन किए। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा।
ऐतिहासिक धरोहर के रूप में है पहचान
स्थानीय लोगों के अनुसार पोस्ता घाट मठिया गाजीपुर की प्राचीन धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। बताया जाता है कि मंदिर का निर्माण 19वीं शताब्दी के मध्य में पंजाबी सिख शासनकाल के दौरान हुआ था। इसकी प्राचीन वास्तुकला, नक्काशीदार खंभे और मेहराब आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं तथा क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत करते हैं।
स्थानीय सहयोग से होती हैं व्यवस्थाएं
मंदिर से जुड़े लोगों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा सहित अन्य धार्मिक पर्वों पर स्थानीय नागरिकों और सेवादारों के सहयोग से मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है। श्रद्धालुओं की सुविधा और पूजा-अर्चना की व्यवस्थाएं भी सामूहिक सहयोग से सुनिश्चित की जाती हैं।
आस्था और विरासत का संगम
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि पोस्ता घाट मठिया केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि गाजीपुर की ऐतिहासिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ने का कार्य किया।
