मिर्ज़ापुर
टीबी उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
राजगढ़ सीएचसी में सीएचओ, आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों को बाल टीबी की पहचान व बचाव के दिए गए गुर
कुपोषित बच्चों की समय पर जांच और जागरूकता बढ़ाने पर जोर, झोलाछाप इलाज से बचने की अपील
मिर्जापुर। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत रविवार को राजगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में 0 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को टीबी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स संस्था के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण में क्षेत्र के सीएचओ, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर और आशा संगिनियों को बाल टीबी की पहचान, जांच और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संतलाल ने अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर जांच से टीबी उन्मूलन अभियान को गति मिलेगी।
क्षय रोग विभाग के जिला समन्वयक सतीश शंकर यादव ने टीबी के लक्षणों, जांच प्रक्रिया और सरकार की ओर से उपलब्ध नि:शुल्क जांच एवं उपचार सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वयस्कों की तुलना में छोटे बच्चों में टीबी की पहचान अधिक चुनौतीपूर्ण होती है, इसलिए विशेषकर कुपोषित बच्चों की जांच और उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में कराया जाना चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से जनजागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने की अपील करते हुए कहा कि लोग झोलाछाप, तंत्र-मंत्र और ओझा-सोखा के चक्कर में पड़ने के बजाय सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। कार्यक्रम में एमओटीसी अनुप सिंह, एसटीएस अजीत सिंह, संस्था के डीसी धनंजय श्रीवास्तव, मनभावन सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
