वाराणसी
समान शिक्षा अधिकार पदयात्रा का गंजारी में भव्य स्वागत, किसानों ने बुलंद की आवाज
शिक्षा, किसानों के अधिकार और सामाजिक न्याय के समर्थन में हुई किसान-मजदूर सभा
वक्ताओं ने समान शिक्षा, उचित मुआवजा और जनहित की नीतियों की उठाई मांग, आज बीएचयू पहुंचेगी पदयात्रा
मिर्जामुराद/रोहनिया (वाराणसी)। “चाहे अमीर की हो या गरीब की संतान, सबकी शिक्षा हो समान” के संकल्प के साथ निकली मुंशी प्रेमचंद–सुदामा पाण्डेय ‘धूमिल’–लोकबंधु राजनारायण–आचार्य नरेन्द्र देव समान शिक्षा अधिकार पदयात्रा का दूसरे दिन गंजारी में किसानों और ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। पदयात्रा जनकवि धूमिल की जन्मस्थली खेवली से विभिन्न गांवों से होती हुई लोकबंधु राजनारायण की जन्मस्थली गंजारी पहुंची।

गंजारी में आयोजित किसान-मजदूर सभा में डॉ. संदीप पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नाम पर किए जा रहे प्रयोगों का सबसे अधिक नुकसान गरीब, ग्रामीण और सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा को बाज़ार की वस्तु नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का समान अधिकार बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने रिक्त शिक्षक पदों को भरने और समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।
किसान नेता वीरेंद्र यादव ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती समान शिक्षा, सामाजिक न्याय और जनता की भागीदारी पर निर्भर करती है। वहीं ईश्वर चंद त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा के बाजारीकरण से सामाजिक असमानता लगातार बढ़ रही है।
सभा के दौरान किसानों ने क्षेत्र में प्रस्तावित स्पोर्ट्स स्टेडियम एवं अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण पर भी चिंता जताई। किसान संघर्ष समिति के अजीत वर्मा ने कहा कि किसानों की सहमति, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास के बिना भूमि अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पदयात्रियों ने गंजारी पहुंचकर लोकबंधु राजनारायण को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके समाजवादी विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समान शिक्षा, किसानों-मजदूरों के अधिकार, रोजगार और सामाजिक न्याय की लड़ाई एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।
पदयात्रा में सुभाष सिंह, अजीत वर्मा, विनय, राजेश प्रजापति, शिवकुमार राजभर, अमित कुमार, सुरेश राठौर, मुस्तफ़ा, कन्हैया लाल, प्रेम भाई, अनोखे लाल, राजीव यादव, मनोज यादव सहित बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, छात्र-युवा और ग्रामीण शामिल रहे।
15 जुलाई को यह पदयात्रा गंजारी से प्रस्थान कर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) पहुंचेगी।
