बलिया
रेवती प्रकरण में पुलिस प्रताड़ना से मौत का आरोप, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
छात्र संघर्ष समिति ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, पीड़ित परिवार को मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
परिजनों ने पूछताछ के दौरान ‘थर्ड डिग्री’ देने का लगाया आरोप, पुलिस ने आरोपों से किया इनकार
बलिया। रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी कामजी गोड़ (55) की वाराणसी स्थित बीएचयू अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस पूछताछ के दौरान कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी, जिससे बाद में उनकी मौत हो गई। वहीं पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पूछताछ के बाद उन्हें सकुशल घर भेज दिया गया था।
मामले ने उस समय और संवेदनशील रूप ले लिया जब पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से शव गांव लाए जाने के दौरान गाजीपुर सीमा पर पुलिस द्वारा शव को अपने कब्जे में लेने की कोशिश किए जाने का आरोप लगा। परिजनों का कहना है कि पुलिस जल्द अंतिम संस्कार कराने का दबाव बना रही थी, जबकि पुलिस का कहना है कि यह कदम केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया था।
इसी प्रकरण को लेकर सोमवार को पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की गई।
इस दौरान छात्र नेता एवं समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता प्रवीण सिंह ने भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है, जबकि परिजन और सामाजिक संगठन पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा निष्पक्ष जांच के आधार पर न्याय की मांग कर रहे हैं।
