प्रयागराज
हण्डिया पीजी कॉलेज में 300 से अधिक पौधों का रोपण, ‘वृक्षारोपण महायज्ञ–2026’ सफलतापूर्वक सम्पन्न
एनएसएस, एनसीसी, रोवर-रेंजर्स और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी भी हुई
प्राचार्य प्रो. डॉ. विवेक पाण्डेय बोले— पौधारोपण के साथ उनका संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी
हण्डिया पोस्टग्रेजुएट कॉलेज में उत्तर प्रदेश शासन के ‘वृक्षारोपण महायज्ञ–2026’ अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), एनसीसी, रोवर-रेंजर्स एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं ‘पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. विवेक पाण्डेय ने अमरूद एवं नीम का पौधा लगाकर किया। इसके बाद महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने परिसर में सामूहिक रूप से 300 से अधिक छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण कर हरित परिसर बनाने का संकल्प लिया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. डॉ. विवेक पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण मानवता की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और संवर्धन भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा का संकल्प लेने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रद्युम्न सिंह एवं डॉ. शिव शंकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर प्रो. अजय सिंह, प्रो. सुरेन्द्र सिंह, एनसीसी अधिकारी डॉ. शिवानी वर्मा, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेन्द्र कुमार यादव, प्रो. मुन्ना सिंह, डॉ. सत्येन्द्र कुमार सिंह, डॉ. अंजलि मोदनवाल, डॉ. स्टैंगी, डॉ. रीता सिंह, डॉ. मधुलिका त्रिपाठी, डॉ. निकिता यादव तथा डॉ. प्रतीक्षा सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, एनएसएस स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट्स, रोवर-रेंजर्स, महिला प्रकोष्ठ की सदस्याएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में पर्यावरण संतुलन, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण तथा जनसहभागिता की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण विषयक जागरूकता वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिससे विद्यार्थियों को वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
