बलिया
गंगा का बढ़ा जलस्तर, महुली घाट पीपा पुल बंद; यूपी-बिहार का सीधा संपर्क टूटा
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने रोका आवागमन, हजारों ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें
अब नाव ही सहारा, बिहार के लोगों को 100 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा
बैरिया (बलिया)। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाला ऐतिहासिक महुली घाट पीपा पुल रविवार से यातायात के लिए बंद कर दिया गया। प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षा की दृष्टि से पुल को खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही बलिया के द्वाबा क्षेत्र और बिहार के भोजपुर जिले की खवासपुर पंचायत सहित आसपास के हजारों लोगों का सीधा संपर्क फिलहाल टूट गया है।
पीपा पुल बंद होने के बाद अब दोनों राज्यों के लोगों के लिए गंगा पार करने का एकमात्र साधन नाव ही रह गया है। वहीं भोजपुर जिले के लोगों को जिला मुख्यालय आरा अथवा प्रखंड मुख्यालय बढ़हरा पहुंचने के लिए बक्सर या आरा-छपरा फोरलेन मार्ग से लगभग 100 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल बंद होने से सबसे अधिक परेशानी किसानों, दैनिक मजदूरों, छात्रों और मरीजों को होगी, जो प्रतिदिन आवागमन के लिए इस पुल पर निर्भर रहते हैं।
पीपा पुल के संचालक राजेश कुमार ने बताया कि सामान्यतः यह पुल प्रत्येक वर्ष 15 जून तक हटा दिया जाता है, लेकिन इस बार गंगा का जलस्तर देर से बढ़ने के कारण इसे 12 जुलाई तक संचालित किया गया। अब जलस्तर बढ़ने के चलते सुरक्षा कारणों से पुल को बंद करना आवश्यक हो गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा गंगा पार करने के लिए केवल अधिकृत नावों का ही उपयोग करें।
