मिर्ज़ापुर
माता दुर्गेश्वरी मंदिर से ‘मां के नाम वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ का शुभारंभ
केले का पौधा रोपकर और पूजा-अर्चना के साथ हुई शुरुआत, पचराव के मंदिरों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण का लक्ष्य
सुशील तिवारी बोले— एक वृक्ष लगाना एक पुत्र के समान, प्रकृति संरक्षण के लिए हर व्यक्ति लगाए पौधा
सीखड़ (मीरजापुर)। सीखड़ ब्लॉक के पचराव गांव स्थित माता दुर्गेश्वरी मंदिर से रविवार को ‘मां के नाम वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भावी प्रधान प्रत्याशी सुशील तिवारी के सानिध्य में हुआ, जहां सबसे पहले केले का पौधा रोपित किया गया। इसके बाद केले का फूल और बेसन के लड्डू अर्पित कर मंदिर के पुजारी दूधनाथ मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ कराया।
इस अवसर पर पुजारी दूधनाथ मिश्रा ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार केले के पौधे में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। गुरुवार के दिन महिलाएं केले की पूजा कर सुख-समृद्धि, संतान और वैभव की कामना करती हैं।
कार्यक्रम में सुशील तिवारी ने कहा कि “एक वृक्ष लगाना एक पुत्र के समान है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।” उन्होंने बताया कि पचराव गांव के 33 मंदिर परिसरों में फूलदार एवं छोटे कद के पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
महर्षि ऋष्य ऋंग सेवा संस्थान (पंजी.) एवं नारायण गृहस्थ आश्रम, नारायण नगर पचराव के प्रबंधक इंजीनियर बीरेंद्र कुमार सिंह ‘बिचित्रानंद’ ने बताया कि संस्थान वर्ष 2001 से पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण अभियान चला रहा है। वर्ष 2025 में सक्तेशगढ़ के स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज द्वारा रुद्राक्ष का पौधा लगाकर अभियान को नए स्वरूप में आगे बढ़ाया गया था। इसके बाद विभिन्न जनप्रतिनिधियों, संतों और अधिकारियों को रुद्राक्ष, चंदन, आम, अमरूद, आंवला, बैर और नींबू के पौधे भेंट किए गए।
उन्होंने बताया कि आश्रम परिसर में आम, आंवला, लीची, चीकू, लौंग, इलायची, तेजपत्ता, लाल एवं सफेद चंदन तथा रुद्राक्ष सहित अनेक दुर्लभ और फलदार पौधे लगाए गए हैं। उनका कहना था कि पेड़-पौधे प्रकृति के अमूल्य उपहार हैं, जो मानव और जीव-जंतुओं के जीवन का आधार हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पूर्व प्रधानाचार्य एवं एबीडी अकादमी के चेयरमैन हेमदत्त तिवारी की प्रेरणा से रवि शंकर मिश्रा (संजय मिश्रा), जय प्रकाश तिवारी, बिचित्रानंद, सभाजीत सिंह (पुल्ली सिंह), तिलकधारी पांडेय, सिद्धनाथ मिश्रा, कल्लू तिवारी सहित अनेक लोगों ने पौधरोपण कर अभियान में सहभागिता निभाई।
