मिर्ज़ापुर
माँ विन्ध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज में टीबी उन्मूलन पर विशेष व्याख्यान आयोजित
केजीएमयू के प्रो. सूर्यकांत ने टीबी मुक्त भारत के लिए जनभागीदारी और जागरूकता पर दिया जो
मिर्जापुर। माँ विन्ध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (एमवीएएसएमसी) में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत “टीबी उन्मूलन : चुनौतियाँ एवं समाधान” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों और एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. सूर्यकांत (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, श्वसन रोग विभाग, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ) ने भारत को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प, समय पर रोग की पहचान, आधुनिक जांच तकनीकों, नियमित दवा सेवन, संक्रमण नियंत्रण, पोषण सहायता और जन-जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन किशोर, श्वसन रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज पांडेय, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. राकेश सिंह, डॉ. क्षितिज, प्रो. विश्वजीत दास, प्रो. विपिन कुमार सहित महाविद्यालय के अनेक संकाय सदस्य, विशेषज्ञ चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में टीबी उन्मूलन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने प्रो. सूर्यकांत के व्याख्यान को प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक बताया। महाविद्यालय प्रशासन ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
