बलिया
12 दिन देरी से हटा नौरंगा पीपा पुल, 30 हजार की आबादी प्रभावित
सात महीने तक नाव या 50 किमी लंबे रास्ते से सफर करने को मजबूर ग्रामीण
बैरिया में गंगा पर आवागमन संकट
बैरिया (बलिया)। दयाछपरा–नौरंगा के बीच गंगा नदी पर लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाया गया पीपा पुल निर्धारित समय से 12 दिन की देरी के बाद शुक्रवार, 27 जून को हटा लिया गया। इसके साथ ही नौरंगा ग्राम पंचायत सहित आसपास के लगभग आधा दर्जन गांवों की करीब 30 हजार की आबादी का आवागमन प्रभावित हो गया है।
नाव और लंबा सड़क मार्ग ही विकल्प
पुल हटने के बाद अब ग्रामीणों को बैरिया तहसील पहुंचने के लिए या तो नाव का सहारा लेना पड़ेगा या फिर जनेश्वर मिश्र सेतु होकर लगभग 50 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग अपनाना होगा। यह स्थिति अगले सात महीनों तक बनी रहने की संभावना है।
हर साल दोहराई जाती है समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पीपा पुल पहले भी निर्धारित समय से करीब साढ़े चार महीने की देरी से चालू हुआ था। नियम के मुताबिक इसे 15 अक्टूबर तक शुरू होना चाहिए था, लेकिन गंगा का पाट चौड़ा होने का हवाला देकर विभाग ने इसे जनवरी 2026 में चालू किया।
जलस्तर कम होने पर ही संभव होगा निर्माण
अधिकारियों का कहना है कि गंगा नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही अगली बार पीपा पुल का निर्माण संभव हो सकेगा। तब तक ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
