गाजीपुर
नाबालिग चालकों की लापरवाही बन रही हादसों का कारण
अभिभावकों और प्रशासन से सतर्कता बरतने की अपील
दुल्लहपुर (गाजीपुर)। सड़कों पर नाबालिग चालकों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। लगभग प्रतिदिन कहीं न कहीं नाबालिगों की लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटनाओं की खबरें सामने आती हैं, जिनमें कई बार जान-माल का नुकसान भी होता है।
नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा खतरा
अक्सर देखा जाता है कि अभिभावक अपने नाबालिग पुत्र-पुत्रियों को दोपहिया वाहन उपलब्ध करा देते हैं। इसके बाद कई किशोर बिना ड्राइविंग लाइसेंस और यातायात नियमों की जानकारी के तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
ऐसी घटनाओं में न केवल वाहन चालक स्वयं घायल होते हैं, बल्कि राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।
यातायात नियमों का उल्लंघन
यातायात अधिनियम के अनुसार नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद कई स्थानों पर इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
अभिभावकों की भूमिका अहम
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या के समाधान में अभिभावकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाएं।
प्रशासन से भी कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों और यातायात पुलिस से भी इस दिशा में सख्ती बरतने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमित जांच अभियान चलाकर नाबालिग चालकों पर कार्रवाई की जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
सुरक्षित भविष्य के लिए जागरूकता जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और अभिभावकों की भी साझा जिम्मेदारी है। यदि नाबालिगों को वाहन चलाने से रोका जाए और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए, तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाया जा सकता है।
