वाराणसी
19 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक, वरुणा एलिवेटेड रोड के लिए होगा भूमि अधिग्रहण
उप निबंधक कार्यालय में सूची चस्पा होते ही मची अफरा-तफरी, कई खरीदार लौटे बैरंग
पिंडरा (वाराणसी)। वरुणा एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने के साथ ही पिंडरा तहसील के 19 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है। गुरुवार को पिंडरा स्थित उप निबंधक कार्यालय में संबंधित गांवों की सूची चस्पा किए जाने के बाद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कई लोग रजिस्ट्री कराने पहुंचे थे, लेकिन सूचना मिलने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।
हरहुआ रिंग रोड से जुड़ेगी वरुणा एलिवेटेड रोड परियोजना
जानकारी के अनुसार हरहुआ रिंग रोड से होते हुए प्रस्तावित वरुणा एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए पिंडरा तहसील के 19 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जानी है। जिलाधिकारी के आदेश पर जिन गांवों की सूची जारी की गई है, उनमें महादेवपुर, सरायकाजी, लुच्चेपुर, दुनियापुर, करोमा, धनेसरी, बैजलपट्टी, दासेपुर, कोइराजपुर, शहाबुद्दीनपुर, पश्चिमपुर, कोइरान, अहिरान, अगेनपुर, मंगलपुर, वाजिदपुर, प्रतापपट्टी और मंशापुर शामिल हैं।
अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना नहीं होगी रजिस्ट्री
सूची जारी होने के बाद संबंधित गांवों में भूमि खरीद-बिक्री को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब इन गांवों में जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा। इस निर्णय से खरीदारों और अधिवक्ताओं में नाराजगी देखी गई।
बाजार मूल्य और सर्किल रेट को लेकर उठे सवाल
कई संभावित खरीदारों का कहना है कि वे बाजार मूल्य के आधार पर जमीन खरीद रहे हैं, जबकि सरकार अधिग्रहण के लिए सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा निर्धारित करती है। दोनों दरों में काफी अंतर होने के कारण लोगों में असंतोष है।
बार एसोसिएशन ने जताई आपत्ति
तहसील बार पिंडरा के अध्यक्ष प्रीतराज माथुर ने कहा कि इस तरह के आदेश से अनावश्यक उत्पीड़न और अवैध वसूली की आशंका बढ़ेगी। उनका कहना है कि प्रशासन को केवल अधिग्रहण से प्रभावित खसरा या आराजी संख्या पर रोक लगानी चाहिए, न कि पूरे गांव की भूमि रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
परियोजना को लेकर बढ़ी हलचल
भूमि अधिग्रहण और रजिस्ट्री प्रतिबंध के बाद प्रभावित गांवों में परियोजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग अब मुआवजा, अधिग्रहण प्रक्रिया और भविष्य की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
