गाजीपुर
आरसेटी गाजीपुर में मसाला निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए किया गया प्रेरित
गाजीपुर। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) गाजीपुर में सोमवार को मसाला निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी राजन राय, डीसी एनआरएलएम विजय यादव, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख विनय शंकर, एलडीएम राजदेव कुमार तथा आरसेटी प्रभारी संजय कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने की सहभागिता
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रोत्साहित करना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है।
अतिथियों ने प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का किया आह्वान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं अन्य वक्ताओं ने स्वरोजगार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार न केवल आजीविका का सशक्त माध्यम है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी प्रभावी साधन है।
अतिथियों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को विकसित करने तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।
अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी किया निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने आरसेटी में संचालित अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ‘एसी एवं रेफ्रिजरेटर मरम्मत’ तथा ‘महिला परिधान निर्माण’ प्रशिक्षण केंद्रों का भ्रमण कर प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया और उनकी प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षणार्थियों के कार्यों की सराहना
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा उन्हें भविष्य में बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के लिए शुभकामनाएं दीं।
सफल आयोजन पर प्रतिभागियों ने जताई खुशी
कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षणार्थियों एवं उपस्थित प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
