गोरखपुर
शिक्षक कृष्णमोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव गिरफ्तार
196 दिनों तक फरार रहने के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ीं, कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
सुसाइड नोट में लगाए गए थे रिश्वत और उत्पीड़न के आरोप, दूसरे आरोपी की तलाश जारी
गोरखपुर। शिक्षक कृष्णमोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में लगभग 196 दिनों तक फरार रहने के बाद देवरिया की पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गईं। लंबे समय से उनकी तलाश कर रही गोरखपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने न्यायालयों का भी सहारा लिया, लेकिन राहत नहीं मिल सकी।
आत्महत्या के बाद चर्चा में आया था मामला
यह मामला 20 फरवरी 2026 को उस समय चर्चा में आया था, जब देवरिया के गौरी बाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में कार्यरत सहायक अध्यापक कृष्णमोहन सिंह ने गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र स्थित अपने भाई के घर पर आत्महत्या कर ली थी।
आत्महत्या से पहले उन्होंने चार पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था और एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। इसमें तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और उनके लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप
सुसाइड नोट में कृष्णमोहन सिंह ने आरोप लगाया था कि उनसे 16 लाख रुपये लिए गए और बाद में चार लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही थी। उन्होंने यह भी लिखा था कि उनके सेवा संबंधी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 13 फरवरी 2025 को उनके पक्ष में आदेश दिए जाने के बावजूद वेतन बहाली नहीं की गई।
आरोप था कि एक वर्ष से अधिक समय तक मामले को जानबूझकर लंबित रखा गया, जिससे वे मानसिक तनाव में थे।
पत्नी की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
घटना के बाद शिक्षक की पत्नी गुड़िया देवी की तहरीर पर गुलरिहा थाने में तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से दोनों नामजद आरोपी फरार चल रहे थे।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे थे सवाल
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग गांव निवासी कृष्णमोहन सिंह अपने परिवार के साथ गोरखपुर के शिवपुर सहबाजगंज में रहते थे। उनकी मौत के बाद यह मामला प्रदेशभर में सुर्खियों में रहा और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे।
दूसरे आरोपी की तलाश जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार की गई पूर्व बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को बुधवार को न्यायालय में पेश किया जा सकता है। वहीं, मामले के दूसरे आरोपी लिपिक संजीव सिंह की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
