गाजीपुर
बरहपुर गांगी नदी पुल पर ओवरलोड वाहनों का बढ़ता दबाव, हादसे की आशंका
बालू लदे ट्रेलरों की लगातार आवाजाही से पुल की संरचना पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई और बैरिकेडिंग की मांग
नंदगंज (गाजीपुर)। क्षेत्र में ओवरलोड ट्रकों और ट्रेलरों की बेलगाम आवाजाही ने बरहपुर स्थित गांगी नदी पुल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्के वाहनों के लिए निर्मित इस पुल से प्रतिदिन भारी-भरकम बालू लदे ट्रेलर और ट्रक गुजर रहे हैं, जिससे पुल की संरचना कमजोर होती जा रही है और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार बिहार से जमानियां-धरम्मरपुर, चोचकपुर-नंदगंज मार्ग के रास्ते प्रतिदिन लगभग 250 से 300 ओवरलोड ट्रेलर इस पुल से होकर गुजरते हैं। भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण पुल पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि पुल में कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे इसकी मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं।
दिन-रात दौड़ रहे ओवरलोड वाहन
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पहले ओवरलोड वाहन मुख्य रूप से रात के समय संचालित होते थे, लेकिन अब दिन के समय भी बड़ी संख्या में ट्रेलर और ट्रक इस मार्ग से गुजर रहे हैं। इससे आम राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के संचालन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से नियमित जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुल की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल के दोनों ओर भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए अब तक कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो पुल को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित होने के साथ किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना भी बढ़ जाएगी।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

ग्रामीणों और क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से पुल की तकनीकी जांच कराने, ओवरलोड वाहनों के संचालन पर रोक लगाने तथा आवश्यक बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुल क्षेत्र के हजारों लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है और इसकी सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों की होगी।
