वाराणसी
बादलों की सक्रियता बढ़ी, पूर्वांचल में मानसून की आहट तेज
वाराणसी। पूर्वांचल सहित वाराणसी में आने वाले कुछ घंटों के बाद मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में लू के थपेड़ों का असर समाप्त होगा और बादलों की आवाजाही के बीच प्री-मानसूनी परिस्थितियां बनेंगी। वातावरण में बादलों की सक्रियता लोगों को राहत पहुंचाएगी। मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह बादलों की आवाजाही के संकेत दिए हैं। नौतपा के दौरान भी तापमान नियंत्रित रहने की संभावना जताई गई है। आर्द्रता में वृद्धि और तापमान में कमी के चलते मौसम का रुख बेहतर होने लगा है।
गुरुवार सुबह ठंडी हवाएं चलती रहीं, हालांकि दिन चढ़ने के साथ गर्मी का असर बढ़ने लगा। अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी और गर्म हवाओं का प्रभाव कम होगा। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार तापमान में कमी दर्ज की गई है। माना जा रहा है कि पछुआ और पुरवा हवाओं के मेल से मौसम का रुख बदलेगा और बादलों की सक्रियता बढ़ेगी। लोकल हीटिंग के चलते वातावरण में बादल बनेंगे और ठंडी हवाओं के झोंके प्रभावी रहेंगे।
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम रहा। न्यूनतम आर्द्रता 33 प्रतिशत और अधिकतम आर्द्रता 67 प्रतिशत दर्ज की गई। तापमान में गिरावट और आर्द्रता में बढ़ोतरी इस बात का संकेत दे रही है कि जल्द ही बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है। आर्द्रता में और वृद्धि होने के बाद बारिश की संभावना भी बन सकती है। इसके कारण तापमान में और कमी आने के आसार हैं। माना जा रहा है कि हल्के बादल आगे चलकर घने होंगे और बारिश भी करा सकते हैं।
यूपी में कब आएगा मानसून
पूर्वांचल में सामान्य तौर पर मानसून 18 से 20 जून के बीच सोनभद्र के रास्ते प्रवेश करता है। फिलहाल मानसून की सक्रियता हिंद महासागर क्षेत्र में बनी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही यह केरल और तमिलनाडु के तटों पर दस्तक देगा और आगे बढ़ेगा। सोनभद्र में 15 जून तक मानसून पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि उससे पहले करीब पखवाड़े भर तक प्री-मानसूनी हालात सक्रिय रहेंगे और बादलों की आवाजाही जारी रहेगी।
