गाजीपुर
तहसील परिसर में ‘साइकिल स्टैंड’ बना उगाही का अड्डा, हर वाहन से वसूली का खेल जारी
जमानिया (गाजीपुर) जयदेश। तहसील परिसर में साइकिल स्टैंड के नाम पर खुलेआम लूट का खेल चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। नीलामी के बाद ठेकेदार के कर्मचारियों ने पूरे परिसर पर कब्जा जमा लिया है और जहां-तहां खड़े वाहनों से जबरन पैसा वसूला जा रहा है।

हैरानी की बात यह है कि साइकिल स्टैंड का न तो कोई तय स्थान है और न ही कोई सीमांकन। कर्मचारी पूरे परिसर में घूमते हैं और जिसे चाहा उसे पकड़कर पैसे मांगने लगते हैं। साइकिल स्टैंड के नाम पर मोटरसाइकिल चालकों से भी वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।
वसूली का तरीका भी पूरी तरह संदिग्ध है। किसी को पर्ची मिलती है तो किसी से बिना रसीद ही पैसा ले लिया जाता है। विरोध करने पर अभद्रता और दबंगई आम बात हो गई है। तहसील आने वाले लोगों का कहना है कि “यहां काम से आना मतलब पहले उगाही झेलना।”

स्टैंड कर्मचारी बलवंत यादव के मुताबिक ठेका अशोक सिंह के नाम 39,500 रुपये में हुआ है, लेकिन ठेके की आड़ में नियम-कायदों को कुचलकर वसूली का साम्राज्य खड़ा कर दिया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा? आए दिन विवाद हो रहे हैं, जनता परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी इस अवैध उगाही को खुली छूट दे रही है।
उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पाठक ने जांच की बात जरूर कही है, लेकिन जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक तहसील परिसर में ‘साइकिल स्टैंड’ के नाम पर यह लूट यूं ही चलती रहेगी।
