राष्ट्रीय
नियम तोड़े तो लाइसेंस होगा सस्पेंड, लोकसभा में पेश हुआ नया बिल
नई दिल्ली। सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर अब केवल चालान भरकर बच निकलना आसान नहीं रहेगा। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश जन विश्वास (संशोधन) बिल 2026 के तहत ऐसी चूक पर ड्राइविंग लाइसेंस को तीन माह तक के लिए निलंबित किया जा सकता है, साथ ही 10 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।
वर्तमान में वायु प्रदूषण से जुड़े नियमों के उल्लंघन या प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने पर 10 हजार रुपये तक के चालान का प्रावधान है। हालांकि लाइसेंस निलंबन का नियम मौजूद होने के बावजूद इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है, ऐसा ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है।
प्रस्तावित संशोधन के तहत यह व्यवस्था पूरे देश में लागू की जा सकेगी, क्योंकि इसे केंद्र सरकार द्वारा लाया जा रहा है। जन विश्वास (संशोधन) बिल 2026 में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से जुड़े कुल 717 कानूनों को सरल बनाने का प्रस्ताव है, जिससे आम लोगों के जीवन और कारोबार को सुगम बनाया जा सके।
बिल में बिजली से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर सजा के स्थान पर केवल जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है। साथ ही मोटर वाहन कानून के कई प्रावधानों में बदलाव करते हुए ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों को भी संशोधित किया गया है। अब लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद 30 दिनों तक उसे वैध माना जाएगा।
इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति अपने लाइसेंस की समाप्ति तिथि से एक माह पहले ही नवीनीकरण करा लेता है, तो नवीनीकरण की प्रभावी तिथि मूल समाप्ति तिथि से ही मानी जाएगी। साथ ही देश के किसी भी हिस्से से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
कारोबार से जुड़ी छोटी त्रुटियों पर तीन से छह माह तक की जेल के प्रावधान को समाप्त कर उसकी जगह जुर्माने की व्यवस्था की गई है। सरकारी परिसरों में अवैध रूप से रहने पर सख्त आर्थिक दंड लगाया जाएगा। पहले महीने में संबंधित संपत्ति की लाइसेंस फीस का 40 गुना जुर्माना वसूला जाएगा और इसके बाद प्रत्येक माह इसमें 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।
बिजली कानून में भी कारावास के प्रावधान को समाप्त करते हुए जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है। वहीं मवेशियों से जुड़े पुराने कानूनों में भी संशोधन प्रस्तावित है, जिनमें अब तक प्रतिबंधित स्थानों पर पशुओं के प्रवेश पर एक से छह माह तक की सजा का प्रावधान था। इस बिल पर संसद के आगामी सत्र में विस्तृत चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
