Connect with us

राष्ट्रीय

होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवागमन पर भारत का जोर, ऊर्जा हितों की सुरक्षा प्राथमिकता

Published

on

Loading...
Loading...

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवागमन सुनिश्चित करने की अपनी अपील को दोहराया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है और भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बताया कि भारत वैश्विक साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए समन्वय कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि एलपीजी से लदे चार भारतीय जहाज हाल ही में सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर देश पहुंच चुके हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित देशों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए है।

Loading...

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भारत के खरीद से जुड़े फैसले देश के 1.4 अरब नागरिकों की जरूरतों, बाजार की परिस्थितियों और वैश्विक परिदृश्य को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यही कारक भारत की नीतियों के प्रमुख मार्गदर्शक सिद्धांत हैं।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फ्रांस में आयोजित जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान कई द्विपक्षीय वार्ताएं भी की हैं, जिनमें विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page