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गोरखपुर

राजकुमार चौहान हत्याकांड : खून से सने कपड़े जलाकर मिटाए सबूत, 35 बार बातचीत ने बढ़ाया शक

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गोरखपुर। जिले के प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान हत्याकांड की जांच में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। कॉल डिटेल की जांच से पता चला है कि नामजद आरोपी दीपक गौड़ और मुख्य आरोपी राज चौहान के बीच पिछले छह महीनों में 35 बार बातचीत हुई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में दीपक गौड़ की क्या भूमिका रही।

पुलिस के अनुसार, राज चौहान पहले दीपक गौड़ का डंपर चलाता था और दोनों के बीच पुराने संबंध रहे हैं। हाल के दिनों में राज चौहान मछली पालन शुरू करने की तैयारी कर रहा था, इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क फिर से बढ़ा। घटना की रात राज डंपर चलाने गया था और घर नहीं लौटा। अगले दिन उसने अपने साथी विपिन यादव के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मुर्गा काटने वाला चाकू बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपितों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। खून से सने कपड़ों को एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से जलवा दिया गया। इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। दो संदिग्धों के नाम सामने आने के बाद उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

हत्याकांड के बाद इस्तेमाल किए गए तमंचे को छिपाने वाले सचिन यादव की भी तलाश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी राज चौहान ने वारदात के बाद तमंचा बरगदवा गांव निवासी सचिन यादव को दे दिया था। पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले तमंचे से फायर किया, लेकिन राजकुमार चौहान बचकर भागने लगे। इसके बाद आरोपितों ने करीब 100 मीटर तक पीछा कर उन्हें पकड़ लिया और चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद आरोपितों ने अपने खून से सने कपड़े एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से जलवा दिए थे। पुलिस को आशंका है कि इस हत्याकांड में दो से अधिक लोगों की भूमिका हो सकती है और तीसरे व चौथे किरदार की भी जांच की जा रही है।

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बरगदवा गांव की एक महिला शिक्षक ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वहां जोरदार झगड़ा हो रहा था, जबकि पास से गुजर रही एक बुजुर्ग महिला ने चीख-पुकार सुनने की बात कही। एक अन्य युवती ने भी घटना के संबंध में जानकारी दी है। ग्रामीणों के बयान के आधार पर पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें राज चौहान और विपिन यादव स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया गया।

मामला चिलुआताल क्षेत्र के बरगदवा गांव का है, जहां मंगलवार सुबह टहलने निकले 38 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान की गोली मारने के बाद चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने पहले फायरिंग की और फिर करीब 100 मीटर तक पीछा कर उन्हें पकड़कर कई वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया।

पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर भाजपा पार्षद समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और कई आरोपितों को हिरासत में लिया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और पुराने विवादों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी राज चौहान और उसके साथी विपिन यादव को गिरफ्तार कर 12 घंटे के भीतर घटना का खुलासा कर दिया।

पीड़ित परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और उनका कहना है कि नामजद अन्य आरोपित भी घटना में शामिल थे, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस की आठ टीमें मामले के हर पहलू की जांच में जुटी हैं। दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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