गोरखपुर
यूपी पंचायत चुनाव टलेंगे! वोटर लिस्ट, OBC आयोग पर फंसा पेंच
ग्राम प्रधान, क्षेत्र-जिला पंचायत में क्या बैठेंगे प्रशासक?
गोरखपुर। यूपी पंचायत चुनाव 2026 क्या अप्रैल-मई के तय समय में हो पाएंगे, इस पर संशय बना हुआ है। दरअसल, उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की फाइनल वोटर लिस्ट की तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर अब 15 अप्रैल कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश ने पहले ये तारीख 6 फरवरी से बढ़ाकर 28 मार्च की थी। चुनाव को लेकर आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की कवायद ही अभी पूरी नहीं हो पाई है।
पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के लिए आरक्षण तय होगा। ऐसे में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या पंचायत चुनाव टल जाएंगे और अगले साल विधानसभा चुनाव के साथ ही क्या ये चुनाव कराए जाएंगे।
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट के कंप्यूटरीकरण, मतदाता संख्या जारी करने और मतदान स्थलों की मैपिंग का काम 27 मार्च तक पूरा करने का टारगेट तय किया था। अब इसकी तारीख भी बढ़ाकर 13 अप्रैल कर दी गई है। अगर यह काम पूरा हो गया तो 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। अभी उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। बोर्ड परीक्षा, स्कूल-कॉलेज की नियमित परीक्षा के कारण बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) के तौर पर तैनात शिक्षक भी अभी व्यस्त हैं।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल
उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। अगर 15 अप्रैल तक फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित हो भी जाती है तो आयोग एक महीने के भीतर सारी औपचारिकताएं क्या पूरी हो पाएंगी, ये बड़ा सवाल है। ओबीसी आयोग आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करता है, फिर उस पर आपत्तियां मांगी जाती हैं और उनका निस्तारण होने में भी काफी वक्त लगता है। वहीं अगर किसी वजह से मामला अदालत में चला गया तो और देरी होने की आशंका है। मई के बाद जून में भीषण गर्मी पड़ने लगेगी। वहीं फिर बरसात में चुनाव संभव नहीं हो पाएंगे।
