बलिया
32 वर्षों से न्याय की तलाश में भटक रहे 82 वर्षीय बुजुर्ग
पुश्तैनी जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, प्रशासनिक आदेशों के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
बलिया। नगरा क्षेत्र के हैदरपुर तियरा निवासी 82 वर्षीय हरिशंकर तिवारी पिछले 32 वर्षों से अपनी पुश्तैनी जमीन पर अधिकार पाने के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं। जीवन के अंतिम पड़ाव में भी उन्हें राहत न मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने और अपनी भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की है।
फर्जी अमल-दरामद और अवैध कब्जे का आरोप
हरिशंकर तिवारी का आरोप है कि उनकी आराजी संख्या 735 की लगभग 11 डिसमिल भूमि पर वर्ष 1996 में तत्कालीन चकबंदी अधिकारी द्वारा अनियमितता पाए जाने के बाद कार्रवाई के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों और दबंगों की मिलीभगत से कथित रूप से कूटरचित तरीके से अमल-दरामद कर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करा दिया गया।
आदेश मिले, लेकिन नहीं मिला कब्जा
बुजुर्ग का कहना है कि कमिश्नरी, जिला न्यायालय, जिलाधिकारी कार्यालय सहित विभिन्न स्तरों से उनके पक्ष में आदेश जारी हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को मौके पर जांच कर कब्जा दिलाने के निर्देश भी दिए, लेकिन अब तक उन्हें जमीन का वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका।
मुख्यमंत्री से न्याय की अपील
हरिशंकर तिवारी ने आरोप लगाया कि जब भी वह अपनी पुश्तैनी भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास करते हैं, कुछ लोग विरोध करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर भूमि को कब्जामुक्त कराने, सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा यदि कोई फर्जी मुकदमे दर्ज हों तो उनसे भी राहत दिलाने की मांग की है।
