गाजीपुर
हाउस अरेस्ट के बाद डाक से भेजा 12 सूत्रीय मांग-पत्र
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर दीपक उपाध्याय ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को भेजा पत्र
गाजीपुर। 26 सितंबर को उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के गाजीपुर आगमन के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपने जा रहे छात्र प्रतिनिधियों को पुलिस द्वारा उनके आवास पर नजरबंद किए जाने के बाद अब पीजी कॉलेज गाजीपुर के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने 12 सूत्रीय मांग-पत्र डाक के माध्यम से उपमुख्यमंत्री को भेजा है।

दीपक उपाध्याय के अनुसार, 26 सितंबर को उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जनहित से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को उनके संज्ञान में लाने के लिए मांग-पत्र सौंपने का प्रयास किया गया था। हालांकि, कार्यक्रम से पहले ही उन्हें और उनके साथी छात्र प्रतिनिधियों को आवास पर नजरबंद कर दिया गया, जिसके कारण वे सीधे ज्ञापन नहीं सौंप सके।

इसके बाद 28 सितंबर को मांग-पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से उपमुख्यमंत्री को भेजा गया। मांग-पत्र में गाजीपुर के ट्रॉमा सेंटर का पूर्ण संचालन, इमरजेंसी में वरिष्ठ चिकित्सकों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग की गई है।

इसके अलावा महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड एवं पैथोलॉजी की सुविधा, 24 घंटे आवश्यक जांच, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता, ऑपरेशन थिएटर का नियमित संचालन, डायलिसिस बेड बढ़ाने, ALS एंबुलेंस व शव वाहन की व्यवस्था, अस्पताल परिसर में पार्किंग एवं सुरक्षा तथा पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था सहित कुल 12 मांगें रखी गई हैं।

दीपक उपाध्याय ने कहा कि उद्देश्य किसी व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि गाजीपुर की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वहीं प्रद्युम्न सिंह यादव राजन ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किए जाने की जरूरत है, ताकि लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े। उन्होंने मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
