गाजीपुर
सभी थानों में होगा बहू-बेटी सम्मेलन, अक्टूबर का रोस्टर जारी
गांवों में चौपाल लगाकर महिलाओं को किया जाएगा जागरूक
गाजीपुर। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत जिले के सभी थानों में अक्टूबर माह में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ आयोजित किए जाएंगे। मुख्यालय महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक गाजीपुर ने कार्यक्रम का विस्तृत थानावार और तिथिवार रोस्टर जारी किया है। महिला पुलिस गांवों में चौपाल लगाकर महिलाओं और युवतियों से संवाद करेगी।
दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या की प्रवृत्ति पर रोक
सम्मेलन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं में अवसाद और आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकना तथा विवाहित महिलाओं के साथ होने वाले दहेज उत्पीड़न की घटनाओं में कमी लाना है। इसके अलावा छात्राओं और युवतियों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।

महिला पुलिसकर्मी ही करेंगी संचालन
कार्यक्रम का संचालन मिशन शक्ति केंद्र की महिला पुलिसकर्मियों द्वारा किया जाएगा। इसमें आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एएनएम और स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। महिला पुलिसकर्मियों को समस्याओं को गंभीरता और धैर्य से सुनने तथा महिलाओं की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक सम्मेलन कम से कम एक घंटे का होगा।

स्वास्थ्य, कानून और साइबर सुरक्षा की जानकारी
सम्मेलन में महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी जाएगी। महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए ग्राम प्रधान के सहयोग से स्थानीय लोक संगीत और गायन कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे।

ग्राम सभाओं की संख्या के अनुसार कार्यक्रम
रोस्टर के अनुसार जिन थाना क्षेत्रों में 25 या उससे कम ग्राम सभाएं हैं, वहां प्रत्येक सप्ताह एक ग्राम सभा में रविवार को सम्मेलन होगा। 25 से अधिक ग्राम सभाओं वाले थाना क्षेत्रों में प्रत्येक सप्ताह दो ग्राम सभाओं में रविवार को कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम सभा के चौकीदारों का भी सहयोग लिया जाएगा।
प्रभाव के आधार पर होगा मूल्यांकन
अभियान की सफलता का मूल्यांकन जनपद और जोन स्तर पर पारिवारिक विवादों के त्वरित निस्तारण, छेड़खानी की घटनाओं में कमी तथा थानों पर प्राप्त महिला शिकायतों पर की गई प्रभावी कार्रवाई जैसे मानकों के आधार पर किया जाएगा।
