वाराणसी
वाराणसी में गर्मी का असर,OPD में मरीजों की भीड़
तेज गर्मी और लू के चलते लोगों की सेहत पर असर साफ दिखाई देने लगा है। तापमान के 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के साथ ही अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले दो दिनों में जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में करीब 6000 मरीज पहुंचे हैं।
इनमें से 600 से अधिक मरीज मौसमी बीमारियों से पीड़ित पाए गए, जिनमें पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बेचैनी और गले में खराश जैसी शिकायतें प्रमुख रहीं। इनमें लगभग 100 बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें उल्टी, दस्त और बुखार की समस्या के चलते अस्पताल लाया गया।
लगातार तीन दिनों से पड़ रही तेज धूप और चल रही लू के कारण मामूली लापरवाही भी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। तापमान में बढ़ोतरी के साथ खानपान में गड़बड़ी भी पेट से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा रही है।
बीते मंगलवार को दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, शास्त्री अस्पताल रामनगर और स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर की ओपीडी में पर्चा काउंटर, दवा वितरण केंद्र और जांच काउंटरों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। जिला अस्पताल में फिजिशियन और बाल रोग विभाग में अन्य विभागों की तुलना में अधिक मरीज पहुंचे।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरएस राम के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या करीब 1400 रही, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या लगभग 1200 होती है। उन्होंने गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मरीजों के बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में विशेष इंतजाम भी किए गए हैं। जिला अस्पताल में 18 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है, जहां जरूरी दवाइयों और आइस पैक की व्यवस्था की गई है। मंडलीय अस्पताल में भी लू और गर्मी से प्रभावित मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाया गया है।
डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, निकलें तो सिर ढककर जाएं। मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करें तथा खुले में रखे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें। यदि पेट दर्द या बुखार तीन दिन से अधिक बना रहे तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
