प्रयागराज
यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट सख्त, तय समयसीमा में शेड्यूल पेश करने का आदेश
पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाना असंवैधानिक: कोर्ट ने अनुच्छेद 243E का दिया हवाला
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (Panchayat Election) को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि चुनाव प्रक्रिया में अब किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग को फटकार लगाते हुए निर्देशित किया है कि 26 मई 2026 तक पूरी चुनाव प्रक्रिया का स्पष्ट और ठोस रोडमैप प्रस्तुत किया जाए।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने सुनवाई के दौरान दो टूक टिप्पणी करते हुए कहा कि पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया जाना संविधान के विपरीत है। अदालत ने अनुच्छेद 243E का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि 27 अप्रैल 2026 तक चुनाव तिथियों, आरक्षण प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को शामिल करते हुए पूर्ण चुनाव कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाए।
इसी दिन मामले की अगली सुनवाई निर्धारित है, जिसमें चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।उल्लेखनीय है कि मतदाता सूची तैयार करने में देरी और ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया के अधूरी रहने के कारण चुनाव प्रक्रिया लंबित थी। हालांकि, न्यायालय के सख्त रुख के बाद सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग पर त्वरित निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है।
हाईकोर्ट के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि पंचायत चुनाव को अब और टालना संभव नहीं है। 27 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई इस पूरे प्रकरण में निर्णायक साबित हो सकती है।
