बलिया
सरयू के रौद्र रूप से दहला बैरिया, कटान रोधी कार्य में देरी पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
टाड़ी में दो मकान नदी में समाए, प्रभावित ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी
एसडीएम बोले- मुआवजा दिलाने की कार्रवाई जारी, बाढ़ विभाग ने नया प्रस्ताव शासन को भेजने की कही बात
बैरिया (बलिया)। सरयू नदी के बढ़ते कटान ने बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर, वशिष्ठ नगर, टाड़ी समेत कई गांवों में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी की तेज धारा लगातार उपजाऊ भूमि और आबादी के करीब पहुंच रही है। मंगलवार शाम टाड़ी गांव में ब्रह्मदेव यादव और शिवदत्त यादव के रिहायशी मकान नदी में समा गए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
कटान रोधी कार्य न शुरू होने से नाराज ग्रामीण
कटान की गंभीर स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने कटान स्थल पर प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कटान रोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे तहसील और जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि समाधान दिवसों सहित विभिन्न माध्यमों से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। कटान की जद में आए कई परिवार अपने मकान तोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
पुराना प्रोजेक्ट निरस्त होने से बढ़ी परेशानी
बताया जा रहा है कि बाढ़ विभाग का पूर्व प्रस्ताव शासन की टीएसी (टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी) की बैठक में निरस्त हो गया था, जिसके बाद कटान रोकने का कार्य शुरू नहीं हो सका। इससे प्रभावित गांवों में चिंता और बढ़ गई है।
अधिकारियों ने दिया यह आश्वासन
उप जिलाधिकारी शशि भूषण मिश्र ने बताया कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिदिन निरीक्षण कर रहा है और पीड़ित परिवारों को नियमानुसार तत्काल मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया चल रही है।
वहीं बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता संजय मिश्र ने कहा कि गोपालनगर-वशिष्ठ नगर क्षेत्र को कटान से बचाने के लिए नया प्राक्कलन तैयार कर पुनः शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यक कटान रोधी कार्य शुरू कराया जाएगा।
