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मेरठ सेंट्रल मार्केट में भी धरना जारी, महिलाओं ने हनुमान चालीसा का किया पाठ

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मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में घरों और दुकानों को बचाने की मांग को लेकर महिलाओं का धरना 15वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर महिलाओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। हालांकि शासन स्तर पर हुई बातचीत और आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों के रुख में कुछ नरमी देखी गई और अब वे सरकार से राहत की उम्मीद जताते हुए भरोसा जता रही हैं कि उनकी समस्या का समाधान होगा।

इस बीच शुक्रवार सुबह आवास विकास परिषद की सात टीमों ने सेंट्रल मार्केट पहुंचकर व्यापारियों को नोटिस देना शुरू कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 9 अप्रैल के आदेश के अनुसार बताई जा रही है, जिसमें अवैध निर्माण हटाने के लिए दुकानदारों को समय देने का प्रावधान है। हालांकि नोटिस वितरण को लेकर पहले स्थिति स्पष्ट नहीं थी, लेकिन अब प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इससे पहले बुधवार को मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास एवं विकास परिषद के चेयरमैन पी. गुरु प्रसाद और आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने व्यापारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान अधिकारियों ने व्यापारियों से दस्तावेज लिए और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना था। इस बातचीत का असर धरना स्थल पर भी दिखाई दिया, जहां महिलाओं का आक्रोश पहले की तुलना में कम हुआ।

धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि वे पिछले 35 से 40 वर्षों से इन मकानों में रहकर दुकानें चला रही हैं। उनका कहना है कि यह मकान LIG/EWS श्रेणी के हैं और यदि सेटबैक के नाम पर तोड़फोड़ की गई तो पूरा ढांचा खतरे में आ सकता है।

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इस बीच व्यापारियों ने अपने पक्ष में दस्तावेज अधिकारियों को सौंप दिए हैं। व्यापारी नेता सतीश गर्ग के अनुसार सांसद अरुण गोविल ने भी उनकी समस्या को सुप्रीम कोर्ट में रखने का आश्वासन दिया है, जिससे आंदोलनकारियों की उम्मीदें बढ़ी हैं।

इधर बाजार में एक और विवाद भी सामने आया है, जहां व्यापारियों के बीच चंदे को लेकर मतभेद और बहस की स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि करीब 14 लाख रुपये एकत्र किए गए हैं, जिसके हिसाब को लेकर असहमति सामने आई है।

कुछ व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि अधिकारियों से सांठगांठ कर कुछ नाम अवैध निर्माण सूची से हटाए गए हैं। इस संबंध में एडवोकेट ठाकुर अंजनेय सिंह ने मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की है।

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